आसनसोल नगर निगम के प्रमुख और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता जितेंद्र तिवारी ने पश्चिम बंगाल सरकार (West Bengal) को एक पत्र लिखकर इस औद्योगिक शहर को केंद्रीय कोष से वंचित रखने का आरोप लगाया है. तृणमूल कांग्रेस के विधायक तिवारी ने निकाय मामलों के मंत्री फरहाद हाकिम को पत्र लिखकर कहा है कि आसनसोल नगर निगम को 2,000 करोड़ रुपये के केंद्रीय कोष से वंचित होना पड़ा क्योंकि राज्य सरकार ने स्मार्ट सिटी परियोजना में शहर के चयन में अवरोध खड़ा किया.

तृणमूल कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘‘अपने पत्र में जितेंद्र ने आरोप लगाया कि केंद्र ने आसनसोल को स्मार्ट सिटी परियोजना के लिए चुना था लेकिन राज्य सरकार ने अड़चनें पैदा की और सुनिश्चित किया शहर का नाम इस सूची में शामिल नहीं हो’’

वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘‘उन्होंने (जितेंद्र) इसके लिए राजनीतिक कारणों को जिम्मेदार ठहराया है और कहा है कि अगर आसनसोल को चुना गया होता तो शहर को 2,000 करोड़ रुपये का कोष मिलता. राज्य सरकार और पार्टी इस मामले को देख रही है.’’

संपर्क किए जाने पर तिवारी ने कहा कि यह गोपनीय पत्र है. उन्होंने कहा, ‘‘इसे प्रेस को जारी नहीं करना चाहिए था. मुझे जो भी कहना होगा मैं पार्टी और मंत्री से कहूंगा. मैं प्रेस से इस मुद्दे पर बात नहीं करूंगा. मैं पार्टी का वफादार कार्यकर्ता हूं.’’

पश्चिम बर्द्धमान जिले में तृणमूल कांग्रेस के महत्वपूर्ण नेता तिवारी ने हाल में आसनसोल में एक कॉलेज के संचालन मंडल से भी इस्तीफा दे दिया था. हाकिम ने कहा कि वह मुद्दे के समाधान के लिए तिवारी से बात करेंगे.

केंद्रीय मंत्री और स्थानीय सांसद बाबुल सुप्रियो ने आरोप लगाया, ‘‘जितेंद्र तिवारी ने जो कहा वह सही है. तृणमूल कांग्रेस सरकार ने अपने निहित राजनीतिक हितों के लिए राज्य के लोगों को केंद्रीय योजनाओं से वंचित रखा है.’’