अयोध्या में राममंदिर भूमि पूजन का कार्यक्रम सोमवार को गणेश पूजा के साथ शुरू किया गया. वहीं, मंगलवार को आयोजन के दूसरे दिन राम अर्चन की जाएगी और हनुमान गढ़ी में निशान पूजा की जाएगी. इस पूजा को काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. कहा जाता है कि हनुमान जी का निशान पूजा करके राममंदिर भूमि पूजन की अनुमति ली जाएगी.

इसके साथ ही मंगलवार को रामलला को लाल वस्त्र पहनाए जाएंगे. सोमवार को रामलला को सफेद वस्त्र पहनाया गया. जबकि बुधवार को भूमि पूजन के दिन रामलला हरे रंग का वस्त्र पहनेंगे.

इससे पहले सोमवार गणेश पूजा की गई, जिसके साथ ही तीन दिवसीय राममंदिर भूमि पूजन कार्यक्रम की शुरू हुआ. शाम में सरयू नदी पर भव्य आरती का आयोजन किया गया. वहीं, अयोध्या के लोगों ने रात में दीप जलाए.

सोमवार को यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ भी अयोध्या पहुंचे और उन्होंने सारी तैयारियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया.

योगी ने कहा, ''यह आयोजन न केवल ऐतिहासिक है बल्कि एक भावनात्मक क्षण है क्योंकि पांच सौ साल बाद राम मंदिर का काम आरंभ होने जा रहा है. यह नवभारत का निर्माण होगा. इस आयोजन के दौरान कोविड-19 के नियमों का पालन किया जाएगा. मैं अपील करता हूं केवल जो लोग आमंत्रित हैं वह ही अयोध्या आएं, बाकी लोग अपने-अपने स्थानों पर रहें.''

उन्होंने कहा, ''चार और पांच अगस्त को हम लोग दीये जलायें, मंदिरों को सजायें, दीपोत्सव मनायें और रामायण का पाठ करते हुये उन लोगों को याद करें जिन्होंने मंदिर के लिये अपने प्राणों की आहुति दी .''