टोक्यो ओलंपिक खेलों (Tokyo Olympics 2020) में भारत के पास अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का मौका है. इस बार ओलंपिक खेलों में भारत के 125 एथलीट हिस्सा लेते नजर आएंगे. मेडल की संख्या के मामले में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2012 के लंदन ओलंपिक में आया था, जब भारत ने दो सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज़ के साथ 6 मेडल जीते थे. लेकिन इस बार भारत के एक से ज्यादा गोल्ड के साथ अपना सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने का मौका है. आइए नजर डालते हैं उन 5 भारतीय एथलीट पर जो भारत के लिए गोल्ड मेडल साध सकते हैं. 

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1. विनेश फोगट (Vinesh Phogat)

कुश्ती उन खेलों में से एक है, जिसमें भारत ने एक से ज्यादा मेडल जीते हैं. अकेले सुशील कुमार भारत को दो ओलंपिक मेडल जिता चुके हैं. पिछले ओलंपिक खेलों में भी भारत ने कुश्ती में एक पदक जीता था. इस बार भारत को कुश्ती में एक से ज्यादा मेडल की उम्मीद है, जिसमें कम से कम एक गोल्ड मेडल हो.  

विनेश फोगाट 53 किग्रा भारवर्ग फ्रीस्टाइल स्पर्धा में भारतीय चुनौती पेश करेंगी. विनेश फोगट इस समय 53 किग्रा भारवर्ग में दुनिया की नंबर-1 रैंकिंग वाली खिलाड़ी हैं, ऐसे में उनसे गोल्ड मेडल की उम्मीद लगाई जा सकती है.

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2. बजरंग पूनिया (Bajrang Punia)

कुश्ती से ही भारत के लिए एक और गोल्ड मेडल आने की सम्भावना है. बजरंग पूनिया गोल्ड के लिए दांव लगाएंगे. वह तीन बार के विश्व पदक विजेता और सात बार के एशियाई पदक विजेता हैं. बजरंग विश्व स्तर पर एक बड़े पहलवान हैं और अपने पिछले 10 अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में से प्रत्येक में मेडल जीता है, जिसमें छह स्वर्ण पदक, तीन रजत और एक कांस्य पदक शामिल हैं. 

27 साल के बजरंग पूनिया 65 किलोग्राम केटेगरी में हिस्सा लेंगे. हालांकि उनके  भारवर्ग में पदक के कई दावेदार हैं, लेकिन पूनिया से स्वर्ण पदक की उम्मीद लगाई जा सकती है.  

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3. मनु भाकर (Manu Bhaker)

टोक्यो ओलंपिक में 19 साल की शूटर मनु भाकर तीन इवेंट्स में हिस्सा लेती नजर आएंगी.  वह 10 मीटर इंडिविजुअल और सौरभ चौधरी के साथ मिक्स्ड टीम में हिस्सा लेंगी. इसके साथ ही वह 25 मीटर पिस्टल के इंडिविजुअल में भी हिस्सा लेंगी. मनु भाकर 10 मीटर पिस्टल में वर्ल्ड की नंबर-2 रैंक वाली शूटर हैं. 

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4. सौरभ चौधरी (Saurabh Chaudhary)

शूटर सौरभ चौधरी ने 2018 एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय निशानेबाज बने थे. उस समय वह सिर्फ 16 वर्ष के थे. सौरभ की वर्ल्ड रैंकिंग दो है और वह युवा ओलंपिक चैंपियन भी बन चुके हैं. 

भाकर और चौधरी 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड इवेंट में पदक जीतने के प्रबल दावेदार हैं. दोनों ने अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी स्पर्धाओं में लगातार पांच स्वर्ण और जून में क्रोएशिया में विश्व कप में एक रजत पदक जीता. सौरभ चौधरी 10 मीटर एयर पिस्टल में भी पदक के दावेदार हैं. 

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5. दीपिका कुमारी (Deepika Kumari)

आर्चर दीपिका कुमारी ने 15 साल की छोटी उम्र में 2009 में यूथ वर्ल्ड चैंपियनशिप जीतकर और फिर अगले साल नई दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स में दो स्वर्ण जीतकर सबको चकित कर दिया था. 

लेकिन लंदन ओलंपिक 2012 में, वह पहले दौर से बाहर हो गईं. भारतीय टीम अच्छा प्रदर्शन करने में नाकाम रही. चार साल बाद रियो डी जनेरियो में भी वह कुछ खास नहीं कर सकीं. अपने लगातार तीसरे ओलंपिक में प्रतिस्पर्धा करते हुए दो बार की दुनिया की नंबर-1 आर्चर दीपिका से स्वर्ण पदक की उम्मीद होगी. वह सिर्फ महिला सिंगल इवेंट में हिस्सा लेती नजर आएंगी.   

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