केरल के तिरुवनंतपुरम में कोविड 19 के मामलों में भारी वृद्धि के चलते सरकार ने ट्रिपल लॉकडाउन की घोषणा की है. इसे एक सप्ताह के लिए 6 जुलाई को सुबह 6 बजे से लागू किया जाएगा. इसी के चलते सचिवालय भी बंद रहेगा और मुख्यमंत्री भी अपने सरकारी आवास से काम करेंगे.

रविवार को कोरोना वायरस संक्रमित 27 लोगों के 22 लोगों के संपर्क में आने के बाद ये कदम उठाया गया है. संक्रमित 15 लोगों की कोई ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है. इनके संक्रमण का स्रोत अज्ञात है. यानी इसके बारे में अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है.

तिरुवनंतपुरम में केवल आवश्यक सेवाओं की अनुमति दी गई है. लोगों को घर के अंदर रहने को कहा गया है. खाद्य और अन्य जरूरी सामान ऑनलाइन उपलब्ध होंगे.

केरल के पर्यटनमंत्री कड़कम्पल्ली सुरेंद्रन ने कहा कि तिरुवनंतपुरम एक सक्रिय ज्वालामुखी पर बैठा है, यानी खतरे के मुहाने पर बैठा हुआ है. इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि इसका कम्यूनिटी स्प्रेड नहीं होगा. यह ऐसा है जैसे हम एक सक्रिय ज्वालामुखी पर बैठे हैं, जो कभी भी फट सकता है. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने टेस्ट का स्तर बढ़ा दिया ताकि इस वायरस के स्प्रेड को समझा जा सके.

सुरेंद्रन ने ये भी बताया की कंटेनमेंट जोन में प्रतिबंधों को कड़ा किया जाएगा, साथ ही खाने-पीने का समान घरों तक पहुंचाने वालों का परीक्षण किया जाएगा. हाल ही में एक फूड डिलीवरी ब्वॉय और एक पुलिसकर्मी का टेस्ट पॉजिटिव आया था. इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भी प्रोटोकॉल लागू किया गया है.

बता दें कि केरल में कोविड -19 के 5000 मामले हो गए हैं. शनिवार को 240 मामले सामने आए, जिसने यहां एक दिन के सर्वाधिक मामलों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. इसमें तिरुवनंतपुरम के 16 मामले थे.

तिरुवनंतपुरम में कोरोना मामलों की संख्या 25 जून के 77 मामलों से बढ़कर अब 107 हो गई है, जबकि 13513 लोगों को निगरानी में रखा गया है.जिले के अलग-अलग अस्पतालों के वार्डों में 256 लोगों को आइसोलेशन में रखा गया है.