बेंगलुरु, 25 मई (भाषा) दो और ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेनें 238.5 टन तरल चिकित्सकीय ऑक्सीजन (एलएमओ) लेकर बेंगलुरु पहुंचीं। दक्षिण पश्चिम रेलवे ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

ये कर्नाटक को जीवन रक्षक गैस पहुंचाने वाली ग्यारहवीं और बारहवीं ट्रेनें हैं। इन ट्रेनों ने अब तक राज्य को 1,420.64 टन एलएमओ पहुंचायी है।

दक्षिण पश्चिम रेलवे की एक विज्ञप्ति के अनुसार, छह क्रायोजेनिक कंटेनरों में 124.19 टन एलएमओ लेकर यह ग्यारहवीं ऑक्सीजन एक्सप्रेस 23 मई को ओड़िशा के राउरकेला से रात करीब साढ़े नौ बजे रवाना हुई थी जो आज सुबह छह बजकर दस मिनट पर यहां आईसीडी व्हाइटफील्ड पहुंची।

विज्ञप्ति के अनुसार, बारहवीं एक्सप्रेस भी पूर्वाह्न नौ बजकर 49 मिनट पर आईसीडी पहुंची। यह ट्रेन छह क्रायोजेनिक कंटेनरों में 114.31 टन ऑक्सीजन लेकर आयी है। यह 24 मई को तड़के साढ़े चार बजे गुजरात के जामनगर स्थित कनालुस से एलएमओ लेकर रवाना हुई थी।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि कोविड-19 महामारी के दौरान चक्रवात यास की चुनौतियों के बावजूद भारतीय रेलवे एलएमओ की समय से ढुलाई कर रहा है।

रेलवे ने इन ऑक्सीजन एक्सप्रेसों की खातिर सिग्नल मुक्त ‘हरित गलियारा’ बना रखा है यानी इन ट्रेनों को क्रॉसिंग या किसी अन्य ट्रेनों के गुजरने का इंतजार किये बिना लगातार आगे बढ़ने की सुविधा होती है।

भारतीय रेलवे ने कोविड-19 के खिलाफ राज्य सरकारों की लड़ाई में उन्हें मदद पहुंचाने के लिए 247 से अधिक ऑक्सीजन एक्सप्रेस चलायी हैं और 16000 टन से अधिक एलएमओ देश भर में पहुंचायी है।