पूरी दुनिया में कोरोना वायरस महामारी का कहर खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. इस दौरान संयुक्त राष्ट्र अपनी 75वीं वर्षगांठ को लेकर घोषणा की है कि, वह इसे धुमधाम से नहीं बल्कि सादगी से मनाएगा.

इस दौरान संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने कहा कि कोविड-19 के अलावा गरीबी, असमानता, भेदभाव और खत्म न होने वाले युद्धों के साथ ही काफी गहरे तक बंट चुकी दुनिया को संभालने की चुनौती से भी इस विश्व निकाय को निपटना है.

गुतारेस ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर पर दस्तखत होने की याद में आयोजित एक डिजिटल कार्यक्रम में कहा, “वैश्विक दबाव बढ़ रहा है” और “आज की हकीकत हमेशा की तरह डराने वाली है.” उन्होंने कहा कि लोगों का राजनीतिक प्रतिष्ठानों में विश्वास खत्म होता जा रहा है.

उन्होंने बहुपक्षवाद को चुनौती देने वाले लोकप्रियवाद का जिक्र करते हुए विदेशी लोगों को पसंद न करने, नस्लवाद और असहिष्णुता की निंदा की. उन्होंने वीडियो के जरिये अपने संबोधन में कहा, “नस्लवाद के खिलाफ आज के मार्च में असमानता, भेदभाव, भ्रष्टाचार और अवसरों की कमी को लेकर व्यापक विरोध दुनियाभर में पहले से था. इस शिकायत को निस्तारित किया जाना अभी बाकी है, जिनमें नए सामाजिक संपर्क भी शामिल हैं.”

गुतारेस ने कहा, “इसबीच, एक और मूलभूत कमजोरी बढ़ी है, जलवायु संकट, पर्यावरण का क्षरण, साइबल हमला, परमाणु प्रसार, मानवाधिकारों को दबाना और एक और महामारी का खतरा.” उन्होंने वैश्विक सहयोग की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया.