केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने ऐलान किाय है कि, नए साल यानी 1 जनवरी 2021 से सभी वाहनों के लिए फास्टैग (FASTag) अनिवार्य होगा. उनका कहना है कि यह यात्रियों के लिए उपयोगी है, क्योंकि उन्हें नकद भुगतान, समय और ईंधन की बचत के लिए टोल प्लाजा पर रुकने की आवश्यकता नहीं होगी.

FASTag की शुरुआत 2016 में हुई थी. यह टोल प्लाजा पर शुल्क का भुगतान इलेक्ट्रॉनिक तरीके से करने की सुविधा है. फास्टैग को अनिवार्य किए जाने के बाद टोल प्लाजा पर वाहनों को रुकना नहीं पड़ेगा और टोल शुल्क का भुगतान इलेक्ट्रॉनिक तरीके से हो जाएगा.

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने बयान में कहा है कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग तथा एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि नए साल से सभी वाहनों के लिए फास्टैग अनिवार्य होगा.

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गडकरी ने गुरुवार को एक वर्चुअल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि FASTag यात्रियों के लिए काफी लाभदायक होगा क्योंकि उन्हें टोल प्लाजा पर नकद भुगतान के लिए रुकना नहीं पड़ेगा. इससे अलावा इससे समय और ईंधन की भी बचत होगी.

फास्टैग की शुरुआत 2016 में हुई थी और चार बैंकों ने उस साल सामूहिक रूप से एक लाख टैग जारी किए थे. उसके बाद 2017 में सात लाख और 2018 में 34 लाख फास्टैग जारी किए गए.

मंत्रालय ने इस साल नवंबर में अधिसूचना जारी कर एक जनवरी, 2021 से पुराने वाहनों या एक दिसंबर, 2017 से पहले के वाहनों के लिए भी फास्टैग को अनिवार्य कर दिया.

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केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के अनुसार एक दिसंबर, 2017 से नए चार पहिया वाहनों के पंजीकरण के लिए फास्टैग को अनिवार्य किया गया है. इसके अलावा परिवहन वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र के लिए संबंधित वाहन का फास्टैग जरूरी है.

राष्ट्रीय परमिट वाले वाहनों के लिए फास्टैग को एक अक्टूबर, 2019 से अनिवार्य किया गया है. नए तीसरे पक्ष बीमा के लिए भी वैध फास्टैग को अनिवार्य किया गया है. यह एक अप्रैल, 2021 से लागू होगा.

(इनपुट भाषा से भी)