शिवसेना सांसद संजय राउत ने किसानों के प्रदर्शन के पीछे चीन और पाकिस्तान का हाथ बताने के केन्द्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे के दावे को हास्यास्पद बताते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि अगर यह सच है तो केन्द्र सरकार को पड़ोसी देशों को सबक सिखाना चाहिये.

राउत ने यहां पत्रकारों से कहा कि केन्द्र सरकार को यह तय करना चाहिये कि वह नए कृषि कानूनों को लेकर किसानों और सरकार के बीच जारी गतिरोध का जल्द समाधान निकालना चाहती है या नहीं.

नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग पर अड़े हजारों किसान 26 नवंबर से दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इससे न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और मंडी व्यवस्था खत्म हो जाएगी.

सरकार ने इन कानूनों का बचाव करते हुए कहा है कि इससे आने वाले वक्त में किसानों को फायदा होगा और उनकी आमदनी बढ़ेगी.

केन्द्रीय मंत्री दानवे ने बुधवार को दावा किया कि किसानों के प्रदर्शन के पीछे चीन और पाकिस्तान का हाथ है.

राउत ने दानवे के दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ''शिवसेना ने केन्द्रीय मंत्री के इस बयान को गंभीरता से लिया है...अब, यह केन्द्र सरकार की जिम्मेदारी है कि वह दोनों पड़ोसी देशों को सबक सिखाए.''

उन्होंने कहा कि शिवसेना इस महत्वपूर्ण मुद्दे को उठाने के लिये दानवे की ''आभारी'' है.