भारत में चुनाव को लोकतांत्रिक पर्व कहा जाता है. देश में अलग-अलग राज्यों में कभी मुख्यमंत्री, कभी पंचायत चुनाव होते ही रहते हैं. वहीं, लोकसा चुनाव पूरे देश के लिए महत्साव रखता है. 2022 में आबादी के अनुसार देश के सबसे बड़े राज्य, उत्तर प्रदेश में चुनाव होने है जिसको लेकर यूपी के राजनीति में सक्रिय सभी राजनीतिक दल चुनावी तैयारियों में जुट गए हैं. चुनाव में जीतना किसी टेढ़ी खीर से कम नहीं है, किसी नेता का एक बयान चुनाव में जीत या हार का कारण भी बन सकता है.

यूपी के सबसे महत्वपूर्ण जिलों में से एक प्रयागराज जिले के अंदर कुल 12 विधानसभा सीटें है और इन सभी सीटों को हासिल करने के लिए सभी दल अपनी पूरी कोशिश करेंगे, अब बात करते हैं इन्हीं 12 सीटों में से एक सोरांव विधानसभा सीट की.

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पिछले चुनावों में किसकी जीत हुई थी?

साल 2017 के विधानसभा चुनाव में इस विधानसभा सीट पर अपना दल ने जीत दर्ज की थी. सोरांव विधानसभा सीट से अपना दल के प्रत्याशी जमुना प्रसाद को लगभग 17 हजार वोटों से जीत प्राप्त हुई थी. सोरांव से अपना दल के प्रत्याशी को कुल 77814 वोट प्राप्त हुए थे. इसके साथ ही बसपा की प्रत्याशी गीता देवी के हाथ मायूसी लगी थी, उन्हें कुल 60079 वोट प्राप्त हुए थे. वहीं  सपा के सत्यवीर मुन्ना को कुल 54345 वोटों के साथ हार का सामना करना पड़ा था.

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वहीं अगर साल 2012 के विधानसभा चुनाव की बात करें तो इस विधानसभा सीट पर सपा ने जीत दर्ज की थी. सपा के प्रत्याशी सत्यवीर मुन्ना को कुल 61,153 वोट प्राप्त हुए थे.

सोरांव विधानसभा सीट पर जातीय समीकरण

साल 2017 के आंकड़ों के अनुसार सोरांव विधानसभा सीट पर लगभग 2 लाख 70 हजार मतदाता है. जिनमें से करीब 1 लाख 42 हजार मतदाता पुरुष हैं वहीं 1 लाख 28 हजार मतदाता महिलाएं हैं वहीं अगर जातीय समीकरण की बात करें तो यहां-

1 लाख- पासी

60 हजार- यादव

50 हजार- ब्राह्मण

30 हजार- मौर्य

20 हजार- पाल

10 हजार- अन्य

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