प्रयागराज, 22 मई (भाषा) उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री डॉक्टर महेंद्र सिंह ने शनिवार को कहा कि उत्तर प्रदेश भारत का पहला ऐसा राज्य है जहां सबसे अधिक कोरोना जांच की गई।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक दिन में 3,60,000 नमूनों की जांच की गई और अभी तक चार करोड़ 62 लाख जांच प्रदेश में हो चुकी हैं।

यहां मेला प्राधिकरण कार्यालय में स्थित आईसीसीसी में बनाए गए कोविड नियत्रंण केंद्र का निरीक्षण करने आए मंत्री ने संवाददाताओं से कहा कि जहां उत्तर प्रदेश में 30 अप्रैल को 3,10,783 मामले थे, वहीं आज की तारीख में यह घटकर एक लाख के आसपास आ गया है।

उन्होंने कहा कि इसी तरह, प्रयागराज में भी कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से घटे हैं और आज 1423 मामले यहां हैं जो 30 अप्रैल को करीब 13,000 थे।

सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में मृत्यु दर भी घटकर 1.1 प्रतिशत पर आ गई है, जबकि रिकवरी दर बहुत तेजी के साथ बढ़कर 95.3 प्रतिशत पर पहुंच गई है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मेहनत का ही परिणाम है कि आज प्रदेश में ऑक्सीजन आवश्यकता से अधिक है। पूरे प्रदेश में ऑक्सीजन की जितनी खपत है, उससे अधिक ऑक्सीजन प्रदेश में है।

मंत्री ने कहा कि प्रदेश में 35 ऑक्सीजन संयंत्र लगकर क्रियाशील हो गए हैं और लगभग 300 ऑक्सीजन संयंत्र लगने की प्रक्रिया में हैं। इसी तरह, प्रयागराज में 11 ऑक्सीजन संयंत्र लगने की प्रक्रिया में हैं।

मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 21 मई को कोरोना संक्रमण के 7,300 नए मामले आए, जबकि प्रयागराज में 108 नए मामले दर्ज किए गए। इस तरह से, कोरोना संक्रमण के प्रसार पर तेजी से काबू पाया गया है।

उन्होंने कहा कि कोरोना कर्फ्यू के दौरान सबसे अधिक प्रभावित हुए लोगों जैसे रेहड़ी-पटरी लगाने वाले दुकानदार, नाई, धोबी, मोची आदि के भरण पोषण के लिए मुख्यमंत्री ने 1,000 रुपये भत्ता देने की बात कही है। यह राशि जून में दी जाएगी।

भाषा राजेंद्र शफीक