कोरोना वायरस महामारी की वजह से उत्तराखंड सरकार ने इस साल यानी 2021 में होने वाली कांवड़ यात्रा पर रोक लगा दी है. कोरोना की दूसरी लहर में उत्तराखंड में महाकुंभ को आयोजित किया गया था, जिससे स्थिति काफी बिगड़ गई थी. लिहाजा सरकार ने महामारी की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए कांवड़ यात्रा पर रोक लगा दी है.

कांवड़ यात्रा सावन के महीने में शुरू होती है, जिसमें लाखों श्रद्धालु इसमें भाग लेते हैं. लेकिन कोरोना महामारी के समय में इस तरह की भीड़ वाली यात्रा खतरनाक हो सकती है इसलिए सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए इस पर रोक लगाने का निर्देश दिया है.

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इससे पहले इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर कांवड़ यात्रा को मंजूरी नहीं देने की मांग की थी. IMA की उत्तराखंड यूनिट ने कहा कि ऐसा करने से कोरोना की तीसरी लहर का सामना करना पड़ सकता है.

एसोसिएशन ने कहा, 'पिछले अनुभवों से सीखते हुए हमें कांवड़ यात्रियों को उत्तराखंड की सीमा में एंट्री की परमिशन नहीं देनी चाहिए। हमें राज्य को कोरोना की तीसरी लहर से बचाकर रखना होगा.

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IMA के अनुसार, भारत में पूरे तरीके से अभी दूसरी लहर खत्म भी नहीं हुई है, ऐसे में पर्यटन स्थलों पर बढ़ती भीड़ जानलेवा हो सकती है. आईएमए ने केंद्र और राज्य को कम से कम तीन महीने तक कोरोना की गाइडलाइन का सख्ती से पालन करने को कहा है. आईएमए ने केंद्र और राज्य को एक चिट्ठी लिखी है जिसमें उसने कहा, 'पर्यटन, तीर्थ यात्रा, धार्मिक उत्साह सभी की जरूरत है, लेकिन कुछ और महीनों तक इंतजार कर सकते है.