मुम्बई, 28 अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र में टीके की पर्याप्त खुराकों की अनुपलब्धता के चलते एक मई से (बालिगों के वास्ते) कोविड-19 टीकाकरण अभियान शुरू नहीं हो पाएगा और तेजी से मामले बढ़ने के कारण लॉकडाउन जैसी पाबंदियां बुधवार को 15 मई तक के लिए बढ़ा दी गयीं।

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने यह भी कहा कि 18-44 साल के लोगों को सरकारी टीका केंद्रों पर मुफ्त टीका लगाया जाएगा लेकिन उन्हें निजी संस्थानों में भुगतान करना होगा।

टोपे ने यहां बताया कि हां मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में मुफ्त टीकाकरण का फैसला किया गया। उनके अनुसार इस कदम से राज्य के खजाने पर 6500 करोड़ रूपये का बोझ पड़ेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘ किसी भी नागरिक को सरकारी केंद्रों पर ही मुफ्त टीका लगेगा। नागरिकों को निजी केंद्रों पर टीके का भुगतान करना होगा। ’’

आगामी अभियान पर टोपे का बयान इन खबरों के बीच आया है कि महाराष्ट्र में कई लोगों को कमी के चलते टीके की खुराक नहीं मिल पा रही है। इस अभियान में 18 साल से अधिक उम्र के लोग टीका लगाने के पात्र होंगे।

हालांकि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि 28 अप्रैल तक महाराष्ट्र को कोविड टीके की 1,58,62,470 खुराक मिलीं और उनमें से 1,53,56,151 खुराक लगायी गयीं (उनमें 0.22 फीसद दवा की बर्बादी भी शामिल है।)

उसने कहा, ‘‘ टीके की बाकी 5,06,319 खुराक अब भी प्रशासन के पास पात्र लोगों को टीका लगाने के लिए प्रशासन के पास उपलब्ध है।’’

उसने कहा कि अगले तीन दिनों में महाराष्ट्र को कोविड-19 की 5,00,000 खुराक दी जाएंगी।

कोरोना वायरस से बुरी तरह प्रभावित महाराष्ट्र में टीके की मांग बढ़ती जा रही है।

राज्य स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक राज्य में 27 अप्रैल को महामारी के मामले 44,10,085 तक पहुंच गये थे जबकि 66,179 मरीज अपनी जान गंवा चुके हैं। मंगलवार को 6,72,434 मरीज उपचाररत थे।

विभाग के अनुसार अबतक 1,53,37,832लोगों को टीका लगाया गया है जिनमें 25,15,076 तो अकेले मुम्बई से हैं।