रांची, 26 मई (भाषा) झारखंड सरकार ने बुधवार को स्पष्ट किया कि राज्य में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की सूचना के विपरीत सिर्फ 4.65 प्रतिशत ही कोविड-19 रोधी टीकों की अब तक बर्बादी हुई है जबकि मंगलवार को केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने झारखंड में देश में सर्वाधिक कुल 37.3 प्रतिशत टीकों के बर्बाद होने बात कही थी।

मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी स्पष्टीकरण में कहा गया है कि राज्य सरकार के पास अबतक टीके की कुल खुराक की उपलब्धता के अनुसार, वैक्सीन बर्बादी का अनुपात केवल 4.65 प्रतिशत है।

मुख्यमंत्री कार्यालय ने बयान जारी कर स्पष्ट किया है, ‘‘तकनीकी कठिनाइयों के कारण टीकाकरण डेटा को केंद्रीय को-विन सर्वर पर पूरी तरह से अद्यतन नहीं किया जा सका। इसे अद्यतन किया जा रहा है।’’

इसका आशय यह है कि केन्द्र सरकार द्वारा संचालित कोविन सर्वर पर झारखंड सरकार द्वारा टीकाकरण का पूरा आंकड़ा अभी अद्यतन नहीं किया जा सका है जिसके चलते संभवतः यह भ्रम हुआ है। हालांकि झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार टीकाकरण के आंकड़ों में हेरफेर करके झारखंड को बदनाम करने की कोशिश कर रही है।

इस बीच राज्य के स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस तरह झारखंड के बारे में गलत आंकड़ों का पेश किया जाना बहुत ही ‘गैरजिम्मेदाराना’ है। सिर्फ कोविन ऐप के आंकड़ों के आधार पर इस तरह का विश्लेषण उचित नहीं है। राष्ट्रीय स्तर पर आंकड़े जारी करने से पूर्व राज्य के अधिकारियों से इसकी पुष्टि की जा सकती थी।

राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कोविन ऐप पर नवीनतम आंकड़े अपलोड करने की लगातार कोशिश की जाती है लेकिन तकनीकी कारणों से यह कई बार संभव नहीं हो पाता है।

मुख्यमंत्री कार्यालय ने स्पष्ट किया, ‘‘राज्य सरकार द्वारा जिलों को 48.63 लाख टीके की आपूर्ति की गई है। जिलों द्वारा अबतक 42.07 लाख टीकों का उपयोग किया गया है। जिलों में कुल टीके की कवरेज को देखें तो वह 40.12 लाख है, जबकि बर्बादी का प्रतिशत 4.63 है।’’

राज्य सरकार के बयान में कहा गया है कि राज्य सरकार टीकों की कम से कम बर्बादी सुनिश्चित करने के लिए यथासंभव उपलब्ध टीके की खुराक का अधिकतम उपयोग करने का प्रयास कर रही है। राज्य के सुदूरवर्ती और अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण जागरूकता अभियान के साथ इसे और कम करने का प्रयास किया जा रहा है।

इससे पहले मंगलवार को केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण की अध्यक्षता में सभी राज्यों के स्वास्थ्य विभाग की आनलाइन बैठक हुई थी जिसमें सभी राज्यों एवं केन्द्रशासित प्रदेशों से विचार विमर्श करने के बाद यह आंकड़ा जारी किया गया था कि पूरे देश में कोरोना वायरस के टीकों की सर्वाधिक बर्बादी झारखंड में हुई है और बताया गया था कि राज्य में अब तक कुल 37.3 प्रतिशत टीकों की बर्बादी हो चुकी है।

केन्द्रीय स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार टीकों की बर्बादी में दूसरे स्थान पर छत्तीसगढ़ है जहां 30.2 प्रतिशत टीकों की बर्बादी हुई है। इसके अलावा तमिलनाडु में 15.5 प्रतिशत और जम्मू कश्मीर में 10.8 प्रतिशत बर्बादी की बात सामने आयी है।

इससे पूर्व केन्द्र सरकार द्वारा टीकों की बर्बादी पर आंकड़े जारी होने के बाद मंगलवार को ही भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश ने राज्य सरकार के कामकाज पर सवाल उठाते हुए तीखे सवाल दागे थे और पूछा था, ‘‘टीकों की इस बड़े पैमाने पर बर्बादी के लिए आखिर कौन जिम्मेदार है?’’

भाषा इन्दु रंजन अमित

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