प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट का 7 जुलाई को विस्तार हुआ. जिसमें करीब 36 नए चेहरों को मंत्री बनाया गया. विस्तार से पहले कई दिग्गज नेताओं जैसे रविशंकर प्रसाद, प्रकाश जावड़ेकर, डॉ हर्षवर्धन आदि ने इस्तीफा दे दिया था. शामिल किए गए नए चेहरों में ज्योतिरादित्य सिंधिया और नारायण राणे जैसे बड़े नाम भी शामिल हैं. उम्मीद जताई जा रही थी कि यूपी के कोटे से वरुण गांधी को भी मोदी कैबिनेट में मंत्री बनाया जाएगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं. इसको लेकर अब वरुण गांधी की मां व सांसद मेनका गांधी की प्रतिक्रिया आई है.

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आज तक में छपी खबर के अनुसार, पीएम मोदी के पहले कार्यकाल में बाल विकास मंत्रालय संभालने वाली मेनका गांधी ने वरुण गांधी को मंत्रिमंडल में शामिल न करने को लेकर कहा, "करीब 600-650 सांसद हैं क्या सबको मंत्री पद मिल सकता है. पीएम सबको मंत्री नहीं बना सकते. ऐसे में जिनको मिली है, वह अच्छा है."

पूर्व कैबिनेट मंत्री मेनका गांधी मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर प्रधानमंत्री मोदी का साथ देती दिखीं. उत्तर प्रदेश में 2022 में विधानसभा के चुनाव होने हैं जिसको लेकर यह कयास लगाए जा रहे थे कि वरुण गांधी को कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है, हालांकि कुल 7 नए कैबिनेट मंत्री यूपी से ही चुने गए हैं. 

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मेनका गांधी दो दिवसीय दौरे पर सुल्तानपुर पहुंची थी. जिसके बाद मीडिया से बात करते हुए उनका यह बयान सामने आया है. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए यह भी कहा कि जिला पंचायत चुनाव में लोगों ने एक अच्छे व्यक्ति को वोट दिया है, जो बेहद खुशी की बात है. मेनका गांधी ने प्राइवेट स्कूल की बढ़ती फीस को लेकर कहा कि उन्होंने जिलाधिकारी से बात की है, अगर कुछ हल निकलता है तो बच्चों के परिजनों के लिए अच्छा होगा.  

वरुण गांधी तीसरी बार सांसद हैं. वो दो बार पीलीभीत और एक बार सुल्तानपुर सीट से लोकसभा सदस्य निर्वाचित हो चुके हैं. बता दें कि 2014 से 2019 तक वरुण गांधी की मां मेनका गांधी मोदी सरकार में महिला एवं बाल विकास मंत्री रहीं.

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