भारतीय क्रिकेट टीम ने इतिहास रचते हुए 50 साल बाद लंदन के केनिंगटन ओवल मैदान पर जीत हासिल की. पांच मैच की सीरीज के चौथे टेस्ट में इंग्लैंड को 157 रन से करारी मात दी और सीरीज में 2-1 की बढ़त भी बना ली. सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा को शतकीय पारी के लिए मैन ऑफ द मैच (MOM) चुना गया. हालांकि कई क्रिकेट एक्सपर्ट्स मैन ऑफ़ द मैच अवॉर्ड के लिए दो और खिलाड़ियों के नाम भी सुझा रहे थे. ये थे हरफनमौला क्रिकेटर शार्दुल ठाकुर और तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह. 

रोहित को क्यों मिला मैन ऑफ द मैच 

पहली पारी के बाद भारतीय टीम 99 रन से पिछड़ गई थी, ऐसे में टीम को दूसरी पारी में सलामी बल्लेबाजों से अच्छी साझेदारी की उम्मीद दी. रोहित ने सिर्फ पहले विकेट के लिए केएल राहुल के साथ मिलकर 83 रन जोड़े बल्कि 256 गेंद में 14 चौकों और एक छक्के की मदद से 127 रन बनाए. ये उनकी देश से बाहर टेस्ट क्रिकेट में पहली शतकीय पारी थी. रोहित की इस पारी के चलते भारत ने दूसरी पारी में 466 रन बनाकर इंग्लैंड के सामने बड़ा टारगेट सेट किया. 

शार्दुल ठाकुर को मिल सकता था MOM 

शार्दुल ठाकुर ने ओवल टेस्ट में ऐसा हरफनमौला प्रदर्शन किया है, जिसे भारतीय क्रिकेट इतिहास में लम्बे समय तक याद रखा जाएगा. पहली पारी में टीम इंडिया ने 117 रन पर छह विकेट गंवा दिए थे, ऐसे में शार्दुल ने आकर 36 गेंद में 7 चौके और तीन छक्के जड़कर 57 रन की पारी खेली. जिसकी बदौलत टीम ने 191 रन बनाए. शार्दुल ने ओली पोप का महत्वपूर्ण विकेट भी लिया. दूसरी पारी में भी शार्दुल का बल्ला बोला और उनकी 60 रन की पारी ने टीम को अच्छी बढ़त दिला दी. आखिरी पारी में शार्दुल ने इंग्लैंड के कप्तान जो रूट और सलामी बल्लेबाज रोरी  बर्न्स को आउट भी किया.

बुमराह ने भारतीय गेंदबाजों को दिखाई राह 

जसप्रीत बुमराह ने ओवल टेस्ट में जबरदस्त गेंदबाजी प्रदर्शन किया. उनके विकेट कॉलम में भले ही बहुत विकेट न हों, लेकिन उनके बिना इस जीत के बारे में सोच पाना भी गलत होगा. बुमराह की किफायती गेंदबाजी का फायदा बाकी के गेंदबाजों को भी हुआ. बुमराह ने पहली पारी में दोनों सलामी बल्लेबाजों को सस्ते में आउट किया था. इसके बाद दूसरी पारी में उन्होंने अपने 22 ओवर में मात्र 27 रन दिए और जल्द दो बड़े विकेट चटकाकर टीम को जीतने की स्थिति में ला दिया. दूसरी पारी ओली पोप और जॉनी बेयरस्टो को क्लीन बोल्ड कर दिया. 

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज गेंदबाज शेन वॉर्न ने दूसरी पारी में बुमराह के गेंदबाजी स्पेल को पूरे सीजन का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन माना है. 

बुमराह का वो घातक गेंदबाजी स्पेल भी देखें-  

हार के बाद विपक्षी कप्तान रूट ने भी माना कि बुमराह शानदार थे. रूट ने कहा कि बुमराह शानदार गेंदबाज हैं और हमें वास्तविक होकर मानना होगा कि उन्होंने वर्ल्ड क्लास गेंदबाजी की. आखिरी पारी में दो विकेट के साथ बुमराह टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज 100 विकेट चटकाने वाले भारतीय तेज गेंदबाज बन गए हैं. बुमराह ने ये मुकाम 24 मैच में हासिल किया, जबकि कपिल देव ने ऐसा 25 मैच में किया था. 

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