उत्तर प्रदेश में हाथरस कांड पीड़िता के परिजन से मुलाकात करने जा रही कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के काफिले को ग्रेटर नोएडा पुलिस ने रोक लिया, जिसके बाद वे पैदल ही हाथरस के लिये निकल गये.

कांग्रेस के प्रदेश मीडिया संयोजक ललन कुमार ने बताया कि प्रियंका और राहुल हाथरस कांड के पीड़ित परिवार से मुलाकात करने जा रहे थे. रास्ते में ग्रेटर नोएडा पुलिस ने उनके काफिले को परी चौक इलाके में रोक लिया.

उन्होंने बताया कि यमुना एक्सप्रेस वे पर रोके जाने के बाद प्रियंका और राहुल पैदल ही हाथरस के लिये रवाना हो गये. जहां उन्हें रोका गया था, वहां से हाथरस की दूरी 142 किलोमीटर है.

इस बीच, राज्य सरकार के प्रवक्ता एवं कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने राहुल और प्रियंका पर निशाना साधते हुए कहा, ''ये जो भाई—बहन दिल्ली से चले हैं, उन्हें राजस्थान जाना चाहिये था. जहां भी ऐसी घटना होती है, वह जघन्य अपराध होता है. राजस्थान में भी वारदात हुई थी, मगर कांग्रेस हाथरस की घटना पर गंदी राजनीति कर रही है.''

उधर, हाथरस जिलाधिकारी पी.के. लक्षकार ने बताया कि जिले में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गयी है, जो आगामी 31 अक्टूबर तक प्रभावी रहेगी. जिले की सभी सीमाएं सील कर दी गयी हैं.

उन्होंने सभी से जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है.

गौरतलब है कि गत 14 सितंबर को हाथरस जिले के चंदपा थाना क्षेत्र स्थित एक गांव की रहने वाली 19 वर्षीय दलित लड़की से कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया गया था. लड़की को रीढ़ की हड्डी में चोट और जीभ कटने की वजह से पहले अलीगढ़ के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था. उसके बाद उसे दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था, जहां मंगलवार तड़के उसकी मौत हो गई थी.

इस घटना को लेकर देश भर में जगह—जगह प्रदर्शन किये गये. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को फोन करके इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने को कहा था. राज्य सरकार ने इस मामले की जांच के लिये विशेष जांच दल गठित किया है.