कोरोना वायरस महामारी के कहर से पूरा देश अस्त व्यस्त है. अस्पताल में सुविधाओं की कमी से लोगों की जान जा रही है. वहीं, अपनों को बचाने के लिए लोग हर कोशिश में लगे हैं. कोरोना महामारी के दौर में रेमडेसिविर इंजेक्शन की मांग बढ़ते जा रही है. रेमडेसिविर आम लोगों के पहुंच से दूर है ऐसे में इंजेक्शन के लिए कोविड मरीज के परिवार वाले परेशान हैं.

उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर स्थित नोएडा अस्पताल का एक वीडियो वायरल हो रहा है. जिसमें कुछ महिलाएं रेमडेसिविर इंजेक्शन के लिए चीफ मेडिकल ऑफिसर (CMO) के पैर छुते नजर आ रही हैं.

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नोएडा अस्पताल के चीफ मेडिकल ऑफिसर दीपक ओहरी से कुछ महिलाएं रेमडेसिविर इजेंक्शन की मांग कर रही है. वह रो रही हैं और CMO के पैर पड़ रही है कि उन्हें इंजेक्शन उपलब्ध करा दें, जिससे वह अपने परिजनों की जान बचा सकें.

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क्या है रेमडेसिविर?

रेमडेसिविर एक इंजेक्शन है जो मौदूदा हालात में कोविड-19 संक्रमण में एक जीवन रक्षक ड्रग के रूप में इसका इस्तेमाल किया जा रहा है. हालांकि, ये कोरोना के लिए बनाई गई दवा नहीं है बल्कि ये दवाई हेपेटाइटीस के लिए बनाई गई थी. इस इंजेक्शन को केवल डॉक्टरों के सलाह पर ही लिया जा सकता है. इस दवा को कोरोना के दवा के रूप में प्रमाणिकता नहीं दी गई है. कुछ शोधों में ये बात सामने आई है कि इसका इस्तेमाल कोविड-19 पर ज्यादा प्रभावी नहीं है. वहीं, सरकार ने इसे सार्वजनिक जगहों पर बेचने पर रोक भी लगाई है.

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