नयी दिल्ली, 28 अप्रैल (भाषा) सनराइजर्स हैदराबाद के कप्तान डेविड वार्नर ने इंडियन प्रीमियर लीग में बुधवार को यहां चेन्नई सुपरकिंग्स के खिलाफ सात विकेट की हार की जिम्मेदारी लेते हुए स्वीकार किया कि उन्होंने काफी धीमी बल्लेबाजी की।

सनराइजर्स के 172 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए सुपरकिंग्स ने रुतुराज गायकवाड़ (44 गेंद में 75 रन, 12 चौके) और फाफ डुप्लेसिस (38 गेंद में 56 रन, छह चौके, एक छक्का) के बीच पहले विकेट की 129 रन की साझेदारी की बदौलत 18.3 ओवर में तीन विकेट पर 173 रन बनाकर आसान जीत दर्ज की।

सनराइजर्स के लिए मनीष पांडे ने 46 गेंद में पांच चौकों और एक छक्के से 61 रन की पारी खेलने के अलावा वार्नर (55 गेंद में 57 रन, तीन चौके, दो छक्के) के साथ दूसरे विकेट के लिए 106 रन की साझेदारी की जिससे टीम तीन विकेट पर 171 रन बनाने में सफल रही।

वार्नर ने मैच के बाद कहा, ‘‘मैंने जिस तरह बल्लेबाजी की उससे मैं पूरी जिम्मेदारी लेता हूं (हार की)। मैंने धीमी बल्लेबाजी की और क्षेत्ररक्षकों के पास शॉट खेले। मनीष ने शानदार बल्लेबाजी की। केन (विलियमसन) और केदार (जाधव) ने हमें सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया लेकिन अंत में मैं पूरी जिम्मेदारी लेता हूं। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘संभवत: मैंने 15 अच्छे शॉट क्षेत्ररक्षकों के हाथ में खेले और ये वे शॉट थे जो पारी को बना और बिगाड़ सकते हैं। मैंने काफी अधिक गेंद खेली। अंत में हमने अच्छी टक्कर दी लेकिन सुपरकिंग्स के दोनों सलामी बल्लेबाजों ने काफी अच्छी बल्लेबाजी की।’’

सुपरकिंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कहा कि उन्हें दिल्ली में इस तरह की पिच की उम्मीद नहीं थी।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने शानदार बल्लेबाजी की लेकिन इसका मतलब यह नहीं हुआ कि हमारी गेंदबाजी अच्छी नहीं थी। हैरान हूं कि दिल्ली का विकेट इतना अच्छा था और ओस भी नहीं थी। सलामी जोड़ी ने काफी अच्छी साझेदारी की।’’

पिछले साल के प्रदर्शन की तुलना इस साल के प्रदर्शन से करने पर धोनी ने कहा, ‘‘खिलाड़ियों ने इस साल अधिक जिम्मेदारी ली है। अगर आप पिछले आठ से 10 साल को देखें तो हमारी टीम में काफी बदलाव नहीं हुए हैं। हम उन खिलाड़ियों की भी सराहना करते हैं जिन्हें मौका नहीं मिला। भरोसा कायम रखने का प्रयास करते हैं और जब आपको मौका मिले जो आपको इसके लिए तैयार रहना चाहिए। ड्रेसिंग रूम में अच्छा माहौल रखना महत्वपूर्ण है। हमें उन खिलाड़ियों को भी श्रेय देना होगा जो नहीं खेल रहे।’’

भाषा सुधीर

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