इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2021 के दूसरे पड़ाव में रविवार को सनराइजर्स हैदराबाद का मुकाबला कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ हुआ. केकेआर वो मैच 6 विकेट से जीतने में कामयाब रही और सनराइजर्स हैदराबाद को हार का मुंह देखना पड़ा. लेकिन उस मैच में एक अच्छी बात यह सामने आई कि भारत को एक उभरते हुए सितारे का परिचय मिला. जी हम बात कर रहे हैं तेज गेंदबाज उमरान मलिक के बारे में. उमरान मलिक ने रविवार को अपने प्रोफेशनल करियर का सिर्फ तीसरा मैच खेला. उन्होंने इस सीजन में सबसे तेज गति से गेंदबाजी करते हुए सभी बल्लेबाजों के छक्के छुड़ा दिए.

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आपको बता दें कि केकेआर के खिलाफ अपने डेब्यू मैच में उमरान मलिक ने 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंक कर सबको चौंका दिया. उसके बाद उमरान ने अपने दूसरे आईपीएल मैच में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ इस सीजन की सबसे तेज गेंद डाली. कांटा 153 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ़्तार को छू गया. उमरान ने अपनी शानदार और तेज गेंदबाजी से यह बता दिया है कि वह आने वाले दिनों में भारतीय टीम का हिस्सा बनने के दावेदार हैं.

उमरान का प्रदर्शन देखकर सभी क्रिकेट प्रेमी, वरिष्ठ खिलाड़ी, कॉमेंटेटर और क्रिकेट की जानकारी रखने वाले उनकी प्रशंसा करते हुए थक नहीं रहे हैं. उमरान मलिका का जन्म 22 नवंबर, 1999 को जम्मू-कश्मीर में  हुआ था और अभी वह महज 21 साल के हैं.

आपकी जानकारी के लिए बता दें उमरान मलिक काफी लंबे समय से जम्मू शहर में क्लब क्रिकेट खेल रहे हैं. इसी वर्ष उन्होंने जम्मू और कश्मीर की टीम के साथ अपने करियर की शुरुआत की. सनराइजर्स हैदराबाद के साथ खेलने से पहले उन्होंने अपने जीवन में सिर्फ दो ही मैच खेले थे. यह दोनों मैच अलग-अलग फॉर्मेट में खेले गए थे.

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इसी वर्ष जनवरी में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उमरान मलिक ने अपने राज्य के लिए पहला T20 मैच खेला था. इस मैच में उमरान ने 4 ओवर में 24 रन देकर तीन विकेट हासिल किए थे. दूसरा मैच उन्होंने फरवरी में विजय हजारे ट्रॉफी में खेला इससे उन्होंने अपने प्रथम श्रेणी क्रिकेट करियर की शुरुआत की.

बता दें कि उमरान इस सीज़न के सेकेंड लेग तक सनराइज़र्स हैदराबाद के नेट गेंदबाज थे. लेकिन जैसे ही टी नटराजन कोविड पॉज़ीटिव पाए गए, उमरान को स्क्वॉड में और फिर प्लेइंग-XI में जगह मिल गई.  

उमरान कैसे हुए टीम में शामिल?

उमरान मलिक के परिवार के सदस्य ने बीबीसी हिंदी से बात करते हुए बताया कि  उमरान की किस्मत कब पलटी जब हैदराबाद की टीम मैनेजमेंट एक बीमार खिलाड़ी को रिप्लेस करने की तैयारी कर रही थी.

उस समय उमरान मलिक डेविड वॉर्नर को नेट में बैटिंग की प्रैक्टिस करवाया करते थे. उमरान की शानदार और तेज गेंदबाजी के चलते डेविड वॉर्नर को उन्हें खेलने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था. टीम मैनेजमेंट नेट प्रैक्टिस पर अपनी नजरें गड़ाए हुए थी, तब एक सदस्य ने उमरान को मौका देने का प्रस्ताव दिया.

तो इस तरह हैदराबाद की टीम मैनेजमेंट ने टी नटराजन की जगह उमरान मलिक को टीम में शामिल कर लिया. उमरान मलिक सनराइजर्स हैदराबाद के साथ नेट बॉलर के रूप में जुड़े हुए थे.

उमरान मलिक को तराशने में इरफान पठान का बड़ा हाथ

पूर्व खिलाड़ी रंजीत कालरा ने बीबीसी को बताया कि उमरान को तराशने में जम्मू और कश्मीर टीम के कोच रहे पूर्व गेंदबाज इरफान पठान का बहुत बड़ा हाथ है. उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि इरफान पठान ने परवेज रसूल के साथ मिलकर उमरान के बॉलिंग एक्शन से लेकर उनके टेंपरामेंट को सुधार कर उन्हें एक बहुत अच्छा खिलाड़ी बनाया है.

आपको बता दें कि पूर्व गेंदबाज इरफान पठान के संपर्क में आने से पहले उमरान के कोच रणधीर सिंह मन्हास ने उन पर बहुत मेहनत की थी. उमरान 15 साल की उम्र में ट्रेनिंग के लिए जम्मू स्टेडियम पहुंचे थे. तो उस समय क्रिकेट कोच रणधीर सिंह मन्हास ने उनकी क्षमता को भांप लिया और उन पर काफी मेहनत की.

पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी रंजीत कालरा का कहना है कि उन्हें उम्मीद है आने वाले समय में BCCI की टेक्निकल टीम और चयनकर्ता उमरान मलिक को भारतीय टीम में शामिल करने का एक मौका अवश्य देंगे. साथ ही उनकी ट्रेनिंग पर और ध्यान दिया जाएगा ताकि वह एक अच्छे खिलाड़ी के रूप में उभरे और देश की सेवा कर सके.

उमरान मलिक के घर खुशी का माहौल

उमरान मलिक की आईपीएल में शानदार गेंदबाजी देखने के बाद उनके घर वालों, रिश्तेदारों में और आस पड़ोस के लोगों में खुशी की लहर है. सभी लोग उमरान के पिता अब्दुल रशीद मलिक को बहुत बधाइयां दे रहे हैं. आपको बता दें की उमरान के पिता अब्दुल रशीद मलिक जम्मू में मलिक मार्केट के पास वाले मोहल्ले में रहते हैं.

सभी लोग अब तो यही दुआ कर रहे हैं कि आने वाले समय में उमरान मलिक को भारतीय टीम में खेलने का मौका मिल जाए और वह देश का नाम खूब रोशन करें.

बीबीसी हिंदी से बात करते हुए अब्दुल रशीद मलिक ने कहा - "उमरान बचपन से ही क्रिकेट खेला करता था. उस समय उन्हें भूख, प्यास की चिंता नहीं रहती थी. वह स्कूल से घर आते ही अपना बैट-बॉल लेकर खेलने निकल जाता था. जब हम उसे मना करते थे तो कहता था कि कोई गलत काम नहीं कर रहा, सिर्फ क्रिकेट ही तो खेल रहा हूं."

अब्दुल रशीद मलिक ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि  समय के साथ साथ उमरान का क्रिकेट के प्रति लगाव और बढ़ गया और वह दिन रात सिर्फ क्रिकेट के बारे में ही सोचते थे.

उमरान के पिता को उम्मीद है कि आने वाले समय में उमरान खूब मेहनत करेंगे और अपनी गेंदबाजी को और बेहतर बनाएंगे और जल्द ही टीम इंडिया में अपनी जगह बना कर पूरे देश का नाम रोशन करेंगे.

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