ब्रिटेन की एक अदालत ने गुरुवार को फैसला सुनाया कि हीरा कारोबारी नीरव मोदी (Nirav Modi) को लगभग दो अरब डॉलर से जुड़े जालसाजी और धनशोधन के आरोपों का सामना करने के लिए भारत प्रत्यर्पित (Extradition) किया जा सकता है.

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मामले में अब तक के घटनाक्रम इस प्रकार हैं:

29 जनवरी 2018: पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने नीरव मोदी, मेहुल चौकसी और अन्य के खिलाफ 2.81 अरब डॉलर की धोखाधड़ी के संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज करायी.

5 फरवरी 2018: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने घोटाले की जांच शुरू की.

16 फरवरी 2018: प्रवर्तन निदेशालय ने नीरव मोदी के आवास और कार्यालयों से करोड़ों रुपये मूल्य के हीरा, सोना और जेवरात की जब्ती की.

17 फरवरी 2018: सीबीआई ने मामले में पहली गिरफ्तारी की. पीएनबी के दो कर्मचारियों और नीरव मोदी समूह के अधिकारी को हिरासत में लिया गया.

17 फरवरी 2018: सरकार ने पीएनबी धोखाधड़ी मामले में नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के पासपोर्ट को चार हफ्ते के लिए निलंबित किया.

21 फरवरी 2018: सीबीआई ने नीरव मोदी की कंपनी के सीएफओ और दो अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को गिरफ्तार किया. अलीबाग में उसके फार्महाउस को भी सील कर दिया गया.

22 फरवरी 2018: ईडी ने नीरव मोदी और उसकी कंपनी से जुड़ी नौ महंगी कारें जब्त की.

27 फरवरी 2018: एक मजिस्ट्रेटी अदालत ने नीरव मोदी के खिलाफ जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया.

2 जून 2018: इंटरपोल ने धनशोधन के लिए नीरव के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया.

25 जून 2018: नीरव मोदी के प्रत्यर्पण के लिए ईडी ने मुंबई में एक अदालत का रुख किया.

3 अगस्त 2018: भारत सरकार ने ब्रिटेन के प्राधिकारों को नीरव के प्रत्यर्पण के लिए अनुरोध पत्र भेजा.

20 अगस्त 2018: लंदन में नीरव के होने की सूचना के बाद सीबीआई अधिकारियों ने इंटरपोल मैनचेस्टर से उसे हिरासत में लेने का अनुरोध किया.

27 दिसंबर 2018: भारत को सूचित किया गया कि नीरव मोदी ब्रिटेन में रह रहा है.

9 मार्च 2019: ब्रिटेन के अखबार ‘टेलीग्राफ’ के संवाददाता का लंदन की सड़कों पर नीरव मोदी से सामना हुआ और उसके देश में होने की पुष्टि हो गयी.

9 मार्च 2019: ईडी ने कहा कि ब्रिटेन सरकार ने नीरव के लिए प्रत्यर्पण का अनुरोध पत्र आगे की प्रक्रिया के लिए ब्रिटेन की अदालत को भेजा है.

18 मार्च 2019: लंदन में वेस्टमिंस्टर अदालत ने नीरव के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया.

20 मार्च 2019: लंदन में नीरव मोदी गिरफ्तार हुआ उसे वेस्टमिंस्टर अदालत में पेश किया गया. उसे जमानत नहीं मिली.

20 मार्च 2019: नीरव को 29 मार्च तक वेंड्सवर्थ जेल भेजा गया.

29 मार्च 2019: लंदन में वेस्टमिंस्टर की अदालत ने नीरव मोदी की जमानत याचिका खारिज की.

8 मई 2019: तीसरी बार नीरव मोदी की जमानत अर्जी खारिज.

12 जून 2019: फरार होने की आशंका के कारण नीरव की जमानत अर्जी चौथी बार खारिज.

22 अगस्त 2019: नीरव मोदी की हिरासत 19 सितंबर तक बढ़ायी गयी.

छह नवंबर 2019: ब्रिटेन की अदालत ने नीरव की जमानत अर्जी खारिज की.

11 मई 2020: पीएनबी मामले में पांच दिनों के लिए नीरव मोदी के प्रत्यर्पण मामले की सुनवाई ब्रिटेन में शुरू हुई.

13 मई 2020: भारत सरकार धन शोधन मामले में नीरव मोदी के खिलाफ और सबूत मुहैया कराया.

7 सितंबर 2020: ब्रिटेन की अदालत को मुंबई की आर्थर रोड जेल से संबंधित वीडियो मुहैया कराया गया.

1 दिसंबर 2020: नीरव मोदी की हिरासत बढ़ी.

8 जनवरी 2021: ब्रिटेन की अदालत ने नीरव मोदी के प्रत्यर्पण मामले में फैसला सुनाने के लिए 25 फरवरी की तारीख तय की.

25 फरवरी 2021: ब्रिटेन की अदालत ने कहा कि नीरव मोदी को धोखाधड़ी और धनशोधन के आरोपों का सामना करने के लिए भारत प्रत्यर्पित किया जा सकता है.

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