केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सोशल मीडिया कंपनियों के लिए गाइडलाइन जारी की है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म रेग्यूलेशन की जानकारी दी है. जिसे फॉलो करने के लिए सोशल मीडिया कंपनियों को तीन महीने का समय दिया गया है. ये रेग्यूलेशन नए IT Act के अंदर आएगा.

सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म रेग्यूलेशन के लिए कई प्वाइंटर्स गिनाए गए हैं. इनमें ग्रिवांस रिड्रेसल, वेरिफिकेशन से लेकर कंटेंट हटाए जाने तक शामिल है.

यह भी पढ़ेंः Tech Tips: बिना फोन नंबर शेयर किए Telegram पर करें चैटिंग, करें सेटिंग में ये बदलाव

केंद्रीय मंत्री ने कहा भारत में सोशल मीडिया डबल स्टैंडर्ड दिखा रही है, जबकि दूसरे देशों में ऐसा नहीं हैं. उन्होंने लाल किले की घटना को लेकर कहा कि इस मामले में सोशल मीडिया ने डबल स्टैंडर्ड दिखाया. इसलिए देश में ऐसा नहीं चलेगा.

सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म रेग्यूलेशन के मुख्य प्वाइंट

1. सोशल मीडिया कंपनी को देश में चीफ कंपलायंस ऑफिसर तैनात करनी होगी.

2. कानूनी एजेंसियों को तालमेल के लिए नोडल अधिकारी की नियुक्ति करनी होगी.

3. प्रत्येक 6 महीने में शिकायतों और उन पर हुई कार्रवाई की रिपोर्ट देनी होगी.

4. ऐसे अपराध जिनकी सजा 5 साल से अधिक है उनमें बताना पड़ेगा.

5. स्वच्छैक वैरिफिकेशन यूजर का विकल्प सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को देना होगा.

6. किसी यूजर का कंटेंट हटाया जा रहा तो उसे बताना पड़ेगा कि ऐसा क्यों हुआ.

7. शिकायत के बाद अगर 24 घंटे के अंदर कंटेंट को हटाना होगा जो महिला से जुड़ा होगा. 

8. सोशल मीडिया कंपनियों को ग्रिवांस रीड्रेसल मैकेनिज्म रखना होगा.

9. गलत जानकारी है तो सरकार के कहे जाने के पास उस कंटेंट को हटाना पड़ेगा.

10. सोशल मीडिया गलत संदेश का ऑरिजिन मांगा जाएगा कि ये शुरुआत कहा से हुई.

यह भी पढ़ेंः Facebook यूजर्स के लिए बहुत काम के हैं ये 5 ट्रिक्स, हैक होने से बचाएं अपना अकाउंट