.. राजीव शर्मा ..

भारत से एक सज्जन, जो तकनीकी के बड़े जानकार हैं, जापान गए और लौटकर वहां के समाज की कई खूबियों के बारे में बताया। जापान में किसी व्यक्ति से तीन चीजें पूछना अशिष्ट माना जाता है। खासकर बिना मकसद सबके सामने ​पूछना तो बहुत ही अपमानजनक माना जाता है।

1. जापानी समाज में किसी का धर्म पूछना अच्छा नहीं माना जाता। वहां इसे किसी व्यक्ति का नितांत निजी मामला समझा जाता है। यह भी संभव है कि आप एक ही बार में एक से ज्यादा धर्मों को मानें या किसी भी धर्म को न मानें, लेकिन वहां हर कोई दूसरों के धर्म का सम्मान करता है। धर्म के आधार पर चुनाव नहीं लड़े जाते और न ही किसी को धर्म के नाम पर विशेष अधिकार देने की मांग उठती है। यही वजह है कि वहां से कभी दंगों और आतंकवाद की खबरें नहीं आतीं। पूरा देश बहुत शांति से रहता है।

2. जापान में किसी से बेमतलब ही उसकी उम्र पूछना ठीक नहीं माना जाता। विशेष रूप से किसी महिला से तो बिल्कुल नहीं। ऐसा सिर्फ तभी पूछा जाता है जब बहुत जरूरी हो। जैसे, दस्तावेजों की जांच वगैरह।

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3. जापान में किसी से उसका वेतन पूछना बहुत अशिष्ट माना जाता है। कंपनी के एचआर डिपार्टमेंट और ब्याह-शादी के लिए रिश्तों के सिवाय वहां कोई किसी से कमाई नहीं पूछता। उनका मानना है कि हो सकता है किसी की कमाई इतनी कम हो कि उसे बताने में वह असहज महसूस करे। इसलिए जापानी समाज दूसरों से उनकी कमाई जानने की कोशिश नहीं करता।  

वैसे इस सबक पर मेरे गांव के कुछ बुजुर्गों को भी अमल कर लेना चाहिए। उनकी खासियत है कि जब दस-पंद्रह या इससे ज्यादा लोग इकट्ठे हों, तब सबके सामने बिल्कुल हुक्म देने के अंदाज में पूछते हैं- छोरा, कितणी तनखा है रै तेरी?

दूसरे महायुद्ध में जापान पर जो घातक वार हुआ, वह पश्चिम देशों की ओर से हुआ था। इसके बावजूद यहां पश्चिम के खिलाफ कोई रैली नहीं निकालता। जापानियों ने खुद को शिक्षा और रोजगार से इतना मजबूत बना लिया कि अब वे किसी मामले में पश्चिम से कम नहीं हैं। अमेरिका ने यहां दो परमाणु बम डाले थे, पर अमेरिका को तबाह करने के इरादे से कोई सड़कों पर नहीं उतरता, कहीं कोई तोड़फोड़ नहीं करता।

जापानियों ने तो पूरी तकनीक ही अमेरिका से हासिल की है, पर अपनी भाषा और संस्कृति नहीं छोड़ी। उसी की बदौलत आज वे पूरी दुनिया में एक महान राष्ट्र की छवि बना चुके हैं। जापान का पासपोर्ट सबसे ज्यादा शक्तिशाली बन चुका है, अमेरिका से भी ज्यादा शक्तिशाली। जिसके पास जापान का पासपोर्ट होता है, वह दुनिया के ज्यादातर देशों में बिना किसी रोकटोक के सफर कर सकता है। उसे हवाईअड्डों पर कम से कम मुश्किलों का सामना करना होता है। वह भी तब, जबकि इस देश के पास थोड़ी-सी जमीन है, खनिज संसाधन बहुत कम हैं, पेट्रोल के भंडार न के बराबर हैं।  

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इसके विपरीत, दुनिया में कई देश हैं जिनके पास भरपूर जमीन, खनिज संसाधन, खेत-खलिहान वगैरह सबकुछ हैं, लेकिन हवाईअड्डे पर उनका पासपोर्ट देखते ही अधिकारियों के कान खड़े हो जाते हैं और बहुत सख्त जांच के बाद ही किसी को आगे जाने देते हैं।  

इसी से पता चलता है कि राष्ट्र सिर्फ नेता नहीं बनाते, वो लोग भी बनाते हैं जो वहां रहते हैं। बड़ी जमीन, बड़ी आबादी या किसी धर्म विशेष का अनुयायी होना ही आपको महान राष्ट्र नहीं बना सकता। महान बनाता है लोगों का चरित्र, जो बहुत छोटी-छोटी बातों से मिलकर बनता है।

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