भारत और चीन तनाव घटाने पर सहमत हुए हैं. इसके लिए पांच-सूत्री योजना पर दोनों देश अमल करेंगे. मॉस्को में शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन (एससीओ) की मीटिंग के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच 5 सूत्री योजना पर सहमति बनी. इसमें दोनों देशों ने LAC पर शांति बहाली के लिए जल्द कदम उठाने की बात की. दोनों पक्ष सहमत हुए कि आपसी संवाद बनाए रखें और जल्दी से डिएस्केलेट करना चाहिए. हालांकि विशेषज्ञों ने दोनों देशों के संयुक्त बयान 'संतोषजनक कदम' बताया, लेकिन साथ ही ये भी कहा कि चीन की वार्ता और तनाव कम करने की बात को आटे में नमक जितना ही लेना चाहिए, क्योंकि इस तनाव से आगे बढ़ना न ही सहज है और न ही आसान.

विदेश मंत्रालय में पूर्व सचिव रहे विवेक काटजू कहते हैं कि जबकि दोनों देशों का संयुक्त बयान संतोषजनक कदम है, लेकिन इसके बावजूद LAC पर चीन लगातार चालबाजी कर रहा है, इससे उत्पन्न स्थिति का समाधान न तो जल्द और आसानी से हो जाने वाला तो नहीं दिखता.

बता दें कि चीनी सेना द्वारा किए गए बदलाव को लेकर दोनों देशों के बीच अप्रैल से लेकर मई तक फिंगर एरिया, गलवान घाटी, हॉट स्प्रिंग्स और कोंगरुंग नाला सहित कई क्षेत्रों में गतिरोध जारी है. 18 जून से गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में 20 भारतीय सैनिकों के शहीद हो जाने के बाद स्थिति और बिगड़ गई है.

सोमवार को तो दोनों पक्षों के बीच 45 साल बाद गोलीबारी भी हुई, हालांकि इस पर दोनों पक्षों की ओर से हवा में फायरिंग का आरोप लगाया गया. 

उधर, चीनी पीएलए द्वारा बड़ी संख्या में सैनिकों और सैन्य उपकरणों की तैनाती के जवाब में भारत ने भी रणनीतिक लिहाज से प्रमुख स्थानों पर सैनिकों को तैनात किया है. इस तैनाती के माध्यम से भारतीय सैनिकों ने ऐसी ऊंचाइयों पर अपनी स्थिति को मजबूत कर रखा है जिससे फिंगर 4 के करीब चीन की तैनाती पर नजर रखी जा सके.

19,700 फीट की ऊंचाई पर चीन अगर अब कोई भी कदम उठाता है कि तो उसके लिए उतना आसान नहीं होगा. 29-30 अगस्त की रात को दक्षिणी पैंगोंग की चोटी पर 200 चीनी सैनिकों के कब्जा करने की कोशिशों को भारतीय सेना के जवानों ने न केवल विफल किया बल्कि आस-पास की कई महत्वपूर्ण चोटियों पर अपनी स्थिति सुदृढ़ कर ली है. इन खास चोटियों में मुखपरी, गुरुंग हिल, मगर हिल, रेजांग ला और रिचिन ला शामिल हैं.

भारतीय विदेशमंत्री एस जयशंकर अपने चीनी समकक्ष के साथ (ANI)

वहीं भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को अपने चीनी समकक्ष वांग यी से बातचीत में भारत ने साफ कर दिया था कि LAC पर चीनी सैनिकों और हथियारों का जमावड़ा चिंता की बात है.

लेफ्टिनेंट जनरल एबी शिवाने (रिटायर्ड) ने इस पूरे मामले पर कहा कि सीमा पर तनाव कम करने के लिए जारी संयुक्त बयान का कोई फायदा नहीं दिख रहा और इसे जमीनी स्तर पर अभी उतारा ही नहीं जा सकता. कारण साफ है कि चीन अभी भी पुरानी स्थिति में लौटने को तैयार नहीं है. इसके लिए कोई समयसीमा भी तय नहीं की गई है. वर्तमान स्थिति में तनाव कम करने के लिए जो भी प्रयास हैं, वे साफ और स्पष्ट नहीं हैं और हकीकत से दूर भी हैं. ये संयुक्त बयान पोजिटिव कम सिर्फ मीठी बात अधिक है, जिसका फायदा होता नहीं दिख रहा.

लेफ्टिनेंट जनरल शिवाने का मानना है कि इस पूरे मामले में अब जिम्मेदारी केवल चीन के कंधों पर है, साथ ही समझदारी के साथ कदम उठाने की चुनौती भारत पर निर्भर है. स्पैन्गगुर के पास दोनों ओर महत्वपूर्ण ऊंचाइयों पर भारत के स्थापित हो जाने के बाद से चीन पर काफी दबाव बन गया है.

संयुक्त बयान में कहा गया है कि दोनों देश पांच मुद्दों पर सहमत हैं और कहा गया है कि दोनों देशों के लिए सीमा पर तनाव की स्थिति ठीक नहीं है. इसलिए दोनों ओर से इस तनाव को कम करने के लिए जल्द जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए.

कर्नल फसीह अहमद (रिटायर्ड) का कहना है कि दोनों ही पक्षों की वार्ता से जैसी उम्मीद थी वैसे ही अपेक्षित परिणाम भी मिले हैं. इस प्रकार के सैन्य बल तैनाती के माहौल में वार्ताकारों के बीच बैठक से किसी नतीजे की उम्मीद कम ही होती है. इस वार्ता को लेकर जहां भारत की ओर से ज्यादा खुलासा नहीं किया गया है वहीं चीन का सरकारी मीडिया इसे लेकर तोड़-मरोड़कर बयान पेश कर रहा है. साथ ही वो अलग राग भी अलाप रहा है.

कर्नल अहमद ने पाकिस्तान को भी लताड़ लगाते हुए उस बयान को हास्यास्पद बताया है जिसमें पाकिस्तान के मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने चीन के समर्थन में बयान दिया है कि भारत की विस्तारवादी नीति की वजह से क्षेत्र की शांति और सुरक्षा को खतरा है. इससे बड़ा मजाक क्या हो सकता है, जो बयान पाकिस्तान ने दिया.

चीन और पाकिस्तान कुछ भी कहें, भारत अपनी संप्रभुता से समझौता नहीं करेगा.भारत के सीडीएस जनरल बिपिन रावत ने साफ-साफ शब्दों में शुक्रवार को संसद की स्थाई समिति के सामने बयान दिया है कि भारतीय सेना किसी भी प्रकार की स्थिति से निपटने में सक्षम है.