हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि का बहुत ही खास महत्व होता है. भोलेनाथ के भक्त इस दिन का इंतजार करते हैं और जब यह पर्व आता है तो धूमधाम से इस दिन को मनाते हैं. फाल्गुन महीने की शिवरात्रि को महाशिवरात्रि कहते हैं जो चतुर्दशी को मनाई जाती है. इस बार महाशिवरात्रि 11 मार्च के दिन मनाई जाएगी. आइए जान लेते हैं महाशिवरात्रि के मौके पर महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर मंदिर में दर्शन का समय- 

महाशिवरात्रि के मौके पर महाकालेश्वर में दर्शन का समय 

धार्मिक नगरी उज्जैन में विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर विराजमान हैं, इसे हर कोई अलग-अलग नामों से भी जानता है. देशभर के बारह ज्योतिर्लिंगों में 'महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग' की इस नगरी का अपना एक अलग महत्व है, क्योकि यहां बाबा महाकाल को तांत्रिक क्रिया अनुसार, दक्षिण मुखी पूजा प्राप्त है और विश्व भर में महाकालेश्वर ही दक्षिण मुख में विराजमान है. महाशिवरात्रि के महापर्व पर 11 मार्च को सुबह 6 बजे से दर्शन का सिलसिला शुरू होगा, जो 12 मार्च को सुबह 10 बजे तक चलेगा. इसी दिन साल में एक दिन दोपहर में होने वाली भस्मारती तो होगी ही, लेकिन पहली बार इसमें दर्शनार्थियों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा. महाशिवरात्रि पर एक लाख श्रद्धालुओं के उज्जैन आने का अनुमान है. वहीं दर्शनार्थियों को भगवान के 28 घंटे तक सतत दर्शन होंगे.

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महाशिवरात्रि पर कब हो सकेंगे ओंकारेश्वर के दर्शन 

महाकालेश्वर से लगभग 140 किलोमीटर दूर मध्य प्रदेश के दूसरे ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर में महाशिवरात्रि पर सुबह 4:00 बजे मंदिर के द्वार खोले जाएंगे. इसके बाद श्रद्धालु सुबह 8:00 बजे तक ज्योतिर्लिंग श्री ओंकारेश्वर भगवान के समीप लगे पात्र में जल चढ़ा सकेंगे. पर्व काल पर बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को देखते हुए सुबह 4 घंटे ही जल चढ़ाने की अनुमति रहेगी. सुबह 8:00 के बाद शाम 6:00 बजे तक मंदिर परिसर में अलग-अलग जगह पात्र रखकर संस्थान के कर्मचारियों द्वारा उनमें श्रद्धालुओं द्वारा लाया गया जल, पुष्प, प्रसाद एकत्र किया जाएगा.

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महाकाल के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को कम से कम डेढ़ किमी तक पैदल चलना होगा. बाबा के दर्शन में भी डेढ़ घंटे से अधिक समय लगेगा. दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की दो कैटेगरी बनाई गई है. एक सामान्य दर्शन वाले और दूसरे पासधारी व शीघ्र दर्शन वाले श्रद्धालु. शीघ्र दर्शन वाले वो श्रद्धालु हैं जो 250 रुपए का टिकट लेकर दर्शन करेंगे. शीघ्र दर्शन वाले श्रद्धालुओं को गेट नंबर आठ से प्रवेश दिया जाएगा. जबकि सामान्य दर्शन वाले श्रद्धालुओं को गेट नंबर एक से प्रवेश मिलेगा.

शिवनवरात्रि के आठवें दिन यानी आज महाकाल ने भक्तों को शिव तांडव के स्वरुप में दिये दर्शन

महाकाल मंदिर में शिव नवरात्रि पर्व के आठवें दिन भगवान महाकाल ने आज भक्तों को शिव तांडव स्वरूप में दर्शन दिये. मंदिर को भव्य रंग बिरंगी लाइटों से सजाया गया है. रात में लाइटें जलने के बाद मंदिर का दृश्य बड़ा ही मनोरम दिखता है. दूर-दराज से आए भक्तगण भगवान महाकाल के दर्शन कर पुण्य लाभ कमा रहे हैं.

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