तृणमूल कांग्रेस की सांसद अर्पिता घोष ने राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. अर्पिता घोष के इस्तीफे को सभापित एम वेंकैया नायडू ने स्वीकार कर लिया है. राज्यसभा सचिवालय की ओर से बुधवार (15 सितंबर) को एक अधिसूचना जारी किया गया जिसमें इसकी जानकारी दी गई है. अर्पिता घोष के अचानक इस्तीफे ने टीएमसी को भी चौंका दिया है.

आपको बता दें, अर्पिता घोष हाल में संपन्न मॉनसून सत्र के दौरान राज्यसभा में हुए हंगामे के कारण निलंबित सदस्यों में शामिल थीं. इस हंगामे के दौरान सांसद और मार्शल कथित तौर पर घायल हुए थे. हालांकि कहा जा रहा है उनके प्रदर्शन से नाखुश टीएमसी ने ही उन्हें इस्तीफा देने को कहा है.

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अर्पिता घोष थियेटर डायरेक्शन और अभिनय के क्षेत्र से जुड़ी रहीं हैं. उन्होंने साल 2010 में अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी. वह मार्च 2020 में राज्यसभा के लिए चुनी गई थीं. 2019 के लोकसभा चुनाव में बलुरघाट से उनकी हार के बाद टीएमसी ने उन्हें उच्च सदन भेजा था.

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आपको ये भी बता दें, एक दिन पहले सुष्मिता देव (Sushmita Dev) को तृणमूल कांग्रेस ने राज्यसभा सदस्य बनाने का फैसला किया है. सुष्मिता देव ने हाल ही में कांग्रेस से इस्तीफा देकर दूसरे दिन टीएमसी में शामिल हो गई थी.

वहीं, पश्चिम बंगाल की भवानीपुर सीट पर उपचुनाव से पहले अर्पिता घोष का यह इस्तीफा हुआ है. भवानीपुर सीट से ममता बनर्जी चुनाव लड़ रही हैं और इस उपचुनाव में उनका जीतना बेहद जरुरी है, ताकि वो अपनी सीएम की कुर्सी बचा सकें.

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