टोक्यो पैरालिंपिक (Tokyo Paralympics 2020) में शूटिंग की महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल SH1 स्पर्धा में अवनि लेखरा ने इतिहास रचते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया और फिर महिला 50 मीटर राइफल 3P SH1 की फाइनल स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर अपनी सफलता को दोगुना किया. पैरालंपिक में शूटिंग में भारत का ये पहला गोल्ड मेडल है. 19 वर्षीय लेखरा ने गोल्ड मेडल के लिए फाइनल में 249.6 का स्कोर हासिल कर सफलता अपने नाम की थी, ये पैरालिंपिक खेलों में वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी भी थी.

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अवनि राजस्थान के जयपुर में रहती हैं और वह एथलीट होने के साथ-साथ लॉ की स्टूडेंट भी हैं. वह यूनीवर्सिटी ऑफ राजस्थान, जयपुर से कानून की पढ़ाई कर रही हैं. अवनि लखेड़ा कभी बिल्कुल स्वस्थ थीं लेकिन साल 2012 में एक दिन वह अपने पिता के साथ एक कार में सवार होकर कहीं जा रही थीं. यह कार दुर्घटना का शिकार हो गई और इससे अवनि के स्पाइनल कोर्ड में चोट (रीढ़ की हड्डी में चोट) लग गई. इस चोट के चलते वह अपने पैरों पर खड़ी नहीं हो सकतीं.

अवनि अपने पिता की प्रेरणा से ही शूटिंग की माहिर खिलाड़ी बनीं. उनके पिता चाहते थे कि बेटी खेलों में अपनी किस्मत आजमाए. शुरुआत में अवनि ने आर्चरी और शूटिंग दोनों को अपनाया. फिर उन्हें महसूस हुआ कि वह शूटिंग को खूब एन्जॉय करती हैं.

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अवनि जयपुर के ही जगतपुर स्पोर्ट्स कॉम्पलैक्स में शूटिंग की शुरुआत की. अगले दो सालों में वह शूटिंग का जाना माना नाम बन गईं और साल 2017 में उन्होंने अपने पहले इंटरनेशनल इवेंट में जगह बनाई. वह शूटिंग वर्ल्ड कप में भी भाग ले चुकी हैं.

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