भविनाबेन पटेल (PATEL Bhavinaben Hasmukhbhai) भारत के टेबल टेनिस खिलाड़ी हैं, जो टोक्यो में पहली बार पैरालंपिक्स में हिस्सा ले रही हैं. भाविना, गुजरात के मेहसाणा जिले से आती हैं. वह व्हीलचेयर पर खेलती है. पटेल क्लास 4 की केटेगरी में आती हैं. क्लास 4 की केटेगरी के एथलीटों के पास बैठने का उचित संतुलन होता है और उनके बाजू और हाथ पूरी तरह कार्यात्मक होते हैं. वह रीढ़ की हड्डी के निचले हिस्से में घाव या सेरेब्रल पाल्सी (मस्तिष्क पक्षाघात) के कारण अपनी शारीरिक क्षमता का पूरी तरह से इस्तेमाल नहीं कर सकते.

टोक्यो पैरालंपिक्स में भारत का पहला मेडल पक्का, भाविना पटेल टेबल टेनिस के फाइनल में पहुंची

2011 में थाईलैंड में आयोजित पीटीटी टेबल टेनिस चैंपियनशिप में व्यक्तिगत वर्ग में रजत पदक जीतने के बाद भाविना पटेल अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ विश्व रैंकिंग नंबर 2 पर पहुंच गई थीं. 2013 में, पटेल ने बीजिंग में हुई एशियाई पैरा टेबल टेनिस चैंपियनशिप में महिला एकल कक्षा 4 में सिल्वर मेडल जीता था.   वह 2017 में बीजिंग (चीन) में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय टेबल टेनिस महासंघ एशियाई पैरा टेबल टेनिस चैम्पियनशिप में कांस्य पदक विजेता भी हैं.

अहमदाबाद स्थित एक संगठन ब्लाइंड पीपुल्स एसोसिएशन (बीपीए) ने पैरा-एथलीट भाविना पटेल को वित्तीय सहायता प्रदान की है. लक्ष्य ओलंपिक पोडियम योजना (TOPS) ने उन्हें 2020 में युवा एथलीटों को वित्तीय सहायता प्रदान करने की अपनी योजना में शामिल किया था. टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, समिति ने भाविना पटेल को 7,00,000 रुपये की सहायता दी थी. 

वह इस समय वर्ल्ड नंबर 8 खिलाड़ी हैं. 

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टोक्यो पैरालंपिक्स में प्रदर्शन 

टोक्यो पैरालंपिक्स (Paralympics) में भारत की टेबल टेनिस खिलाड़ी भविनाबेन  पटेल (PATEL Bhavinaben Hasmukhbhai) ने अपने सेमीफाइनल मुकाबले में चीन की खिलाड़ी मियाओ झांग (Miao Zhang) को हराकर फाइनल में जगह बना ली है. जिससे उनका सिल्वर मेडल तो पक्का ही हो गया है, फाइनल जीतने पर वह गोल्ड और हारने पर सिल्वर मेडल जीतेंगी. 

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