टोक्यो पैरालंपिक में भारतीय खिलाड़ी शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं. शूटिंग में भी भारत की तरफ से मनीष नरवाल ने इतिहास रच दिया. मनीष ने P4 मिक्स्ड 50 मीटर पिस्टल एसएच-1 के फाइनल में 218.2 स्कोर के साथ पहला स्थान हासिल करते हुए गोल्ड जीता. यहां एक और गर्व की बात यह रही कि इस इवेंट में दूसरे नंबर पर भी भारतीय एथलीट सिंहराज अधाना ही रहे और उन्होंने सिल्वर जीता.  

फुटबॉलर बनने का सपना देखते थे मनीष

शूटिंग में करियर बनाने से पहले मनीष का सिर्फ एक ही सपना था वो भी फुटबॉलर बनने का, लेकिन दिव्यांगता के चलते वह इस सपने को पूरा नहीं कर सके, लेकिन तब मनीष के एक सहयोगी ने उन्हें शूटिंग को एक करियर की तरह चुनने की सलाह दी. इसके बाद मनीष ने हरियाणा के फरीदाबाद में शूटिंग करने की ठानी और कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा. इसके बाद उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में जीत हासिल की.

साल 2020 में अर्जुन अवॉर्ड्स से किया गया था सम्मानित

सोनीपत के रहने वाले मनीष नरवाल को साल 2020 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. हालांकि मनीष के पिता काफी समय पहले ही फरीदाबाद में शिफ्ट हो गए थे. इसके साथ ही मनीष ने साल 2018 में जकार्ता में हुए एशियाई खेलों में 10 मी और 50 मीटर इवेंट में एक गोल्ड और एक ब्रॉन्ज मेडल जीत कर भारत के नाम का परचम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लहराया. इसके साथ ही मनीष ने सिडनी में 2019 विश्व चैंपियनशिप में तीन इवेंट्स में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया. मनीष यहीं नहीं रुके बल्कि उन्होंने 2021 पैराशूटिंग वर्ल्ड कप में 10 मीटर में विश्व रिकॉर्ड तोड़ते हुए 229.1 पॉइंट हासिल किए.

बता दें, मनीष के टोक्यो पैरालंपिक में गोल्ड मेडल जीतने के बाद उन्होंने हर तरफ से बधाई मिल रही हैं. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मनीष को स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई दी है.

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