भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पश्चिम बंगाल की भबानीपुर विधानसभा सीट (Bhabanipur Vidhan Sabha) पर होने वाले उपचुनाव के लिए प्रियंका टिबरीवाल (Priyanka Tibrewal) को अपना प्रत्याशी चुना है. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री बने रहने के लिए तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी का विधानसभा पहुंचना जरूरी है और वह भबानीपुर सीट पर जीत हासिल करने के लिए नामांकन पत्र भी दाखिल कर चुकी हैं. 30 सितंबर को मतदान होना है और 3 अक्टूबर को मतगणना.  

प्रियंका टिबरीवाल एक वकील हैं, जो कलकत्ता उच्च न्यायालय में टीएमसी सरकार के खिलाफ चुनाव बाद हिंसा के मामलों में याचिकाकर्ताओं में से एक हैं. टिबरीवाल ने बीजेपी से टिकट मिलने के बाद कहा विधानसभा चुनाव के बाद टीएमसी द्वारा की गई "यातना और हिंसा" को उजागर करना चुनाव में एक प्रमुख मुद्दा होगा. 

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40 वर्षीय टिबरीवाल अभी बीजेपी की युवा शाखा भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) की राज्य उपाध्यक्ष हैं. वह 2014 में पार्टी में शामिल हुई थीं. टिबरीवाल ने कहा, "वह (ममता बनर्जी) नंदीग्राम से पहले ही हार चुकी हैं. अब वह मुख्यमंत्री की कुर्सी बचाने के लिए यह चुनाव लड़ रही हैं. मेरा काम निर्वाचन क्षेत्र के लोगों तक पहुंचना और उन्हें विधानसभा चुनावों के बाद विपक्षी कार्यकर्ताओं पर उनकी पार्टी द्वारा किए गए अत्याचारों, यातनाओं और हिंसा के बारे में सूचित करना होगा. मुझे विश्वास है कि भबनीपुर के लोग मुझे वोट देंगे और उन्हें हराएंगे."

प्रियंका टिबरीवाल ने चुनावी राजनीति में पहली बार 2015 में हाथ आजमाए थे, तब उन्हें कोलकाता नगर निगम के चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था. उन्होंने एंटली (Entally) सीट से 2021 का विधानसभा चुनाव भी लड़ा था और 58,000 से अधिक मतों के भारी अंतर से एक टीएमसी उम्मीदवार से हार गईं थीं. 

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फिर भी, बीजेपी सूत्रों ने कहा, उन्हें उनकी "फाइटिंग स्पिरिट" के लिए ममता बनर्जी के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए चुना गया है और साथ ही कई नेता चुनाव लड़ने के लिए तैयार नहीं थे. उन्होंने कहा कि टिबरीवाल एक जाना-पहचाना चेहरा बन गई हैं, खासकर जब उन्होंने राज्य भर में चुनाव के बाद की हिंसा को लेकर टीएमसी सरकार के खिलाफ मामले दर्ज कराए थे. '

तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मंत्री फिरहाद हाकिम ने कहा कि बीजेपी उम्मीदवार की जमानत जब्त हो जाएगी और बनर्जी रिकॉर्ड अंतर से जीतेंगी. नंदीग्राम में हार के बाद राज्य विधानसभा में ममता बनर्जी की वापसी के लिए भबनीपुर के लिए उपचुनाव जरूरी हो गया था. भबानीपुर सीट से चुने गए टीएमसी नेता व कैबिनेट मंत्री शोभन देव चट्टोपाध्याय ने अपनी सीट से इस्तीफ़ा दे दिया था ताकि ममता एक बार फिर यहां से चुनाव जीत सकें. चट्टोपाध्याय ने यह सीट 28,000 से अधिक मतों के अंतर से जीती थी.

वाम मोर्चा ने बुधवार को घोषणा की कि माकपा नेता श्रीजीब विश्वास भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव के लिए उसके उम्मीदवार होंगे, जहां पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रही हैं.

बता दें कि ममता बनर्जी इस साल की शुरुआत में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान नंदीग्राम सीट से चुनाव हार गई थीं. उन्होंने अपनी पारंपरिक भबनीपुर सीट छोड़कर नंदीग्राम से लड़ने का निर्णय किया था, जहां से उन्हें उनके पूर्व करीबी शुभेन्दु अधिकारी ने बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ते हुए हरा दिया था. अधिकारी अब पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता विपक्ष हैं. 

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