नोएडा के जिला मजिस्ट्रेट और पैरा-बैडमिंटन खिलाड़ी सुहास एल यथिराज (Suhas Lalinakere Yathiraj DM GB Nagar) ने बैडमिंटन के मेंस सिंगल्स SL4 केटेगरी के सेमीफाइनल में इंडोनेशिया के FREDY Setiawan को हराकर गोल्ड मेडल मैच में जगह बनाई. टोक्यो पैरालंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले सुहास देश के पहले आईएएस अधिकारी बन चुके हैं. आइये जानते हैं सुहास एल यथिराज के बारे में-

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सुहास लालिनाकेरे यथिराजी, देश की सबसे कठिन परीक्षा में से एक UPSC Exam को पास कर IAS अधिकारी बने. इतना ही नहीं उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर अपनी एक अलग पहचान बना ली है. सुहास लालिनाकेरे यथिराज एक भारतीय पैरा-बैडमिंटन खिलाड़ी हैं. वह उत्तर प्रदेश कैडर के 2007 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. सुहास ने 2004 में कर्नाटक के सुरथकल में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान से कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग स्ट्रीम में डिग्री प्राप्त की थी.

सुहास ने कभी भी खुद को विकलांग नहीं माना. सुहास फिलहाल नोएडा (गौतमबुद्द नगर) के डीएम हैं. उन्होंने मार्च 2018 में वाराणसी में आयोजित की गई दूसरी राष्ट्रीय पैरा बैडमिंटन चैंपियनशिप में मेंस सिंगल कैटेगरी में स्वर्ण पदक जीता था. इसके साथ ही वह राष्ट्रीय चैंपियन भी बन गए थे. इसके साथ ही एशियाई पैरा बैडमिंटन चैंपियनशिप में सुहास एलवाई ने अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप अपने नाम किया और ऐसा करने वाले वे पहले भारतीय ब्यूरोक्रेट बन गए. इसके बाद उन्होंने आजमगढ़ के डीएम के रूप में काम करते हुए फाइनल में इंडोनेशिया के हैरी सुसांतो को हराकर स्वर्ण पदक जीता था.

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सुहास लालिनाकेरे यथिराज मूलरूप से केरल के रहने वाले हैं और सुहास की पत्नी ऋतु सुहास एक पीसीएस अफसर हैं. सुहास को पिछले साल 1 दिसंबर को उत्तर प्रदेश की सरकार ने यश भारती अवॉर्ड से नवाजा था. इसके साथ ही दिसंबर 2016 को 'वर्ल्ड डिसेबिलिटी डे' के अवसर पर सुहास को स्टेट का बेस्ट पैरा स्पोर्ट्स पर्सन चुना गया था.

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