इन दिनों टोक्यो में पैरालंपिक 2020 चल रहा है और भारतीय भाला फेंक एथलीट सुमित अंतिल ने धमाकेदार प्रदर्शन किया है. 30 अगस्त को सुमित अंतिल ने टोक्यो पैरालंपिक में गोल्ड मेडल जीत हासिल की है. पहली बार पैरालंपिक खेलों में खेलते हुए सुमित ने जेवलिन थ्रो के एफ-64 इवेंट के अपने दूसरे प्रयास में सुमित ने 68.08 मीटर का भाला फेंककर एक नया रिकॉर्ड बनाए हैं. सुमित अंतिल हरियाणा के रहने वाले हैं लेकिन क्या आप उनके बारे में कई बातें जानते हैं?

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कौन हैं सुमित अंतिल?

सुमित अंतिल भारत के पैरा जैवलिन थ्रोअर हैं जो 12 जुलाई, 1998 को हरियाणा के सोनिपत में जन्में हैं. इनकी शुरुआती पढा़ई सोनिपत में हुई है और यहीं से इनकी आगे की पढ़ाई भी पूरी हुई. सुमित अंतिल ने सोशल मीडिया या इंटरनेट पर अपने परिवार की खास जानकारियां शेयर नहीं की है. 23 वर्षीय सुमित अंतिल ने सड़क हादसे में अपना एक पैर गंवा दिया था लेकिन इसके बाद भी उनके हौसलों में कोई कमी नहीं आई और उन्होंने पैरालंपिक में भाला फेंककर गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है. सुमित के पिता का निधन तब हो गया था जब वह मात्र  7 साल के थे. बहुत संघर्ष के बाद उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है और वह एक मध्यम परिवार से ताल्लुख रखते थे तो उन्हें भाला फेंकने की प्रैक्टिस में भी काफी परेशानियां हुआ करती थीं लेकिन फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी और आज अपने परिवार, गांव, राज्य और देश का नाम गौरवांतित किया है.

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सुमित अंतलिन से पहले अवनि लखेरा ने शूटिेंग में गोल्ड जीता है. अवनि ने 30 अगस्त को महिलाओं की आर-2 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 में पहला स्थान प्राप्त किया है. सुमित ने इसमें अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दया है क्योंकि पहले प्रयास में 66.95 मीटर का थ्रो किया और ये वर्ल्ड रिकॉर्ड बना. बाद में दूसरे प्रयास में उन्होंने 68.08 मीटर भाला फेंका और नया रिकॉर्ड बनाया. सुमित ने अपने प्रदर्शन में सुधार किया और 5वें प्रयास में 68.55 मीटर का थ्रो किया. इससे पहले 30 अगस्त को देवेंद झाझरिया और सुंदर सिंह गुर्जर ने भी जैवलिन थ्रो में ही मेडल जीता था. देवेंद्र ने रजत और सुंदर सिंह ने कांस्य पदक जीता है.

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