अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि का निधन हो गया है. उनका शव श्री बाघांबरी गद्दी मठ में उनके निवास स्थान पर मिला है जहां पर वे लटके मिले. ऐसी खबरें हैं कि इसी मठ को लेकर नरेंद्र गिरि का अपने शिष्य आनंद गिरि के साथ विवाद चल रहा था. पुलिस ने अब नरेंद्र गिरि की मौत को लेकर जांच शुरू कर दी है और फोरेंसिक टीम भी इसमें जुटी है. अब कई लोगों के मन में सवाल है कि महंत नरेंद्र गिरि कौन थे और सभी उनके बारे में जानना चाहते हैं जिसके बारे में हम आपको बताएंगे.

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कौन थे महंत नरेंद्र गिरि?

महंत नरेंद्र मोदी संगम तट पर बने लेटे हनुमान मंदिर के महंत थे. अखाड़ा परिषद देश के धार्मिक संतों की एक बड़ी गद्दी मानी जाती है और यह परिषद देश के प्रमुख 13 अखाड़ों की प्रतिनिधि संस्था है. महंत नरेंद्र गिरि यहां के दूसरी बार अध्यक्ष चुने गए. अखाड़ा परिषद ही एक तरह से महा मंडलेश्वर और बाबाओं को सर्टिफिकेट के रूप में देती है. कुंभ मेलों में कौन अखाड़ा कब और किस समय स्नान करेगा इसका निर्णय अखाड़ा परिषद ही करता है. देश में 13 अखाड़ों की जिम्मेदारी एक तरह से हिंदू धर्म की रक्षा करना होता है. कुंभ और अर्धकुंभ के दौरान अखाड़ों को कई खास तरह की सुविधाएं मिलती हैं.  

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