कक्षा में छात्रों के साथ पैगंबर मोहम्मद के कार्टून के साथ चर्चा करने के बाद पेरिस के नजदीक इतिहास के एक शिक्षक की गर्दन काटकर हत्या कर दी गई. घटना से करीब 600 मीटर की दूरी पर 18 वर्षीय हमलावर को भी पुलिस ने मार गिराया. 

मारे गए शिक्षक का नाम सैम्युएल पैटी है. उनकी कोनफ्लांस सेंट ओनोरीने में 18 वर्षीय अब्दुल्लाख अनजोरोव ने गर्दन काटकर हत्या कर दी. अब्दुल्लाख का जन्म मॉस्को में हुआ था और यह चेचेन्या का शरणार्थी था.

कौन थे सैम्युएल पैटी? 

47 वर्षीय सैम्युएल पैटी, पेरिस के करीब 'कोनफ्लांस सेंट ओनोरीने' में इतिहास और भूगोल के प्रोफेसर थे. वह अभिव्यक्ति की आजादी के कट्टर समर्थक थे. सैम्युएल शुक्रवार की दोपहर जब स्कूल से अपने घर लौट रहे थे तभी उनकी हत्या कर दी गई थी. 

फ्रांस में प्रदर्शन हुए 

हमले को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने फ्रांस को संदेश भेजकर एकजुटता दर्शाई जिसके कुछ घंटे बाद प्रदर्शन हुए. फ्रांस के प्रधानमंत्री जियेन कास्टेक्स अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और 47 वर्षीय शिक्षक की याद में पेरिस के प्लेस डी ला रिपब्लिक में रविवार को हुए प्रदर्शन में नागरिकों, संगठनों और संघों के साथ खड़े हुए.

कुछ ने हाथों में तख्तियां ली हुई थीं जिन पर लिखा था ‘‘मैं सैम्युएल हूं’’. यह प्रदर्शन ‘‘मैं चार्ली हूं’’से मिलता-जुलता था जो 2015 में अखबार चार्ली हेब्दो पर हमले के बाद हुआ था. इस अखबार ने पैगंबर के कार्टून छाप दिए थे.

चौराहों पर एक मिनट का मौन धारण किया गया और फिर फ्रांस का राष्ट्र गान ला मार्सिलेस गाया गया. प्रदर्शनकारियों ने ल्योन, तलोज, स्ट्रासबर्ग, नांतेस, मार्सिली, लिली और बोर्डेक्स सहित बड़े शहरों में भी प्रदर्शन किया.