भारत सरकार ने 25 फरवरी को सभी सोशल मीडिया कंपनियों को तीन महीने के अंदर नए नियमों का पालन करने को कहा था. इसकी समय सीमा 25 मई को खत्म हो रही है. ऐसे में कहा जा रहा है कि जो सोशल मीडिया कंपनियां इन नियमों का पालन करने को राजी नहीं होंगी उनको बैन कर दिया जाएगा. हालांकि सरकार ने इस संबंध में अभी तक किसी भी सोशल मीडिया कंपनी को बैन करने की बात नहीं कही है.

सरकार ने किन नियमों का पालन करने को कहा था?

भारत सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों को अपने अधिकारीयों की जानकारी देना, शिकायत समाधान, आपत्तिजनक कंटेंट की निगरानी और उन्हें हटाने जैसे नियमों का पालन करने को कहा था.

अभी तक 'कू' नाम की कंपनी को छोड़कर किसी अन्य कंपनी ने अधिकारीयों की नियुक्ति नहीं की है और न ही इन नियमों का पालन किया है. कुछ प्लेटफॉर्म इसके लिए छह और दिनों का समय मांग चुके हैं. वहीं कुछ का कहना है कि वह अमेरिका में अपने हेडक्वॉर्टर के आदेशों का इंतजार कर रहे हैं.

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सरकार का कहना है कि कंपनियां भारत में मुनाफा कमाती हैं लेकिन निर्देशों के लिए अपने हेडक्वॉर्टर के फैसले का इंतजार करती हैं. कुछ सोशल मीडिया कंपनियां दावा करती हैं कि उनका अपना फैक्ट चेकर है, लेकिन वह न ही इसकी पहचान बताती हैं और न ही ये बताती हैं कि फैक्ट चेक कैसे किया जा रहा है.

IT एक्ट की धारा 79 के तहत इन कंपनियों को इंटरमीडियरी के नाते दायित्व से छूट है. सरकार के मुताबिक ये कंपनियां कई बार कार्रवाई करते वक्त भारत के कानून और संविधान की अनदेखी करती हैं.

सोशल मीडिया के नए नियम 26 मई से लागू होने जा रहे हैं. अगर सोशल मीडिया कंपनियां नए नियम नहीं मानते हैं तो उनका इंटरमीडियरी स्टेटस छिन सकता है, ऐसे में वह आपराधिक कार्रवाई के दायरे में आ जाएंगे.

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