चोटों से जूझ रही भारतीय क्रिकेट टीम को मंगलवार को एक और झटका लगा जब तेज गेंदबाजी आक्रमण के अगुआ जसप्रीत बुमराह पेट में खिंचाव के कारण ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चौथे टेस्ट से बाहर हो गए.

इतना ही नहीं, ब्रिसबेन में अंतिम एकादश में हनुमा विहारी के विकल्प माने जा रहे मयंक अग्रवाल को भी नेट पर बल्लेबाजी करते हुए हाथ में चोट लगी और उन्हें हेयरलाइन फ्रेक्चर हो सकता है.

स्थिति और बदतर हो गई जब सिडनी टेस्ट के अंतिम दिन साढ़े तीन घंटे बल्लेबाजी के बाद रविचंद्रन अश्विन की पीठ की जकड़न की समस्या बढ़ गई जिससे भारत के पास अधिक विकल्प नहीं बचे हैं.

भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के अहम सदस्य बुमराह को यह खिंचाव सिडनी में ड्रॉ हुए तीसरे टेस्ट के दौरान आया. जानकारी के मुताबिक बुमराह के स्कैन की रिपोर्ट में खिंचाव का पता चला है और भारतीय टीम प्रबंधन इंग्लैंड के खिलाफ चार टेस्ट की आगामी श्रृंखला को देखते हुए उनकी चोट के बढ़ने का जोखिम नहीं लेना चाहता.

बीसीसीआई सूत्र ने पीटीआई को बताया, ‘‘सिडनी में क्षेत्ररक्षण करते हुए जसप्रीत बुमराह के पेट में खिंचाव आ गया था. वह ब्रिसबेन टेस्ट से बाहर रहेगा लेकिन उसके इंग्लैंड के खिलाफ उपलब्ध रहने की उम्मीद है.’’

भारत टीम ने राहत की सांस ली है कि बुमराह की चोट गंभीर नहीं है लेकिन वे ब्रिसबेन में सतर्कता बरतना चाहते हैं क्योंकि टेस्ट मैच के बीच में चोटिल होने पर अधिक प्रतिकूल असर पड़ेगा. सूत्र ने कहा, ‘‘अगर हम 50 प्रतिशत फिटनेस के साथ उसे खिलाने का जोखिम उठाते हैं, ऐसे में अगर उसकी चोट बढ़ जाए और वह मैच के बीच से बाहर हो जाए और इंग्लैंड के खिलाफ श्रृंखला के अधिकतर हिस्से से भी बाहर हो जाए तो.’’

उन्होंने कहा, ‘‘इंग्लैंड आखिरी श्रृंखला है जिससे विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल का क्वालीफिकेशन तय होगा और हम इसके दावेदार हैं और हमें फिट बुमराह की जरूरत है.’’

अब उम्मीद की जा रही है कि दो टेस्ट खेलने वाले मोहम्मद सिराज भारतीय आक्रमण की अगुआई करेंगे और 15 जनवरी से शुरू हो रहे ब्रिसबेन टेस्ट में नवदीप सैनी, शारदुल ठाकुर और टी नटराजन उनका साथ देंगे. बुमराह को अगर पूर्ण फिटनेस के बिना उतारने का जोखिम नहीं लिया जाता तो फिर नटराजन को पदार्पण का मौका मिलेगा.

भारतीय टीम में समस्या यह है कि चोटिल लोकेश राहुल के जाने और हनुमा विहारी की ग्रेड 2 की चोट के बाद मध्यक्रम में विकल्प नहीं बचे हैं. दो उपलब्ध बल्लेबाज खराब फॉर्म से जूझ रहे सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ और मयंक अग्रवाल हैं.

अब देखना यह होगा कि मुख्य खिलाड़ियों की अनुपलब्धता और लंबे निचले क्रम को देखते हुए भारत छह बल्लेबाजों और चार गेंदबाजों के साथ उतरने का फैसला करता है या नहीं. ऐसी स्थिति में ऋषभ पंत विकेटकीपर होंगे.

अग्रवाल के स्कैन में हालांकि फ्रेक्चर की जगह मामूली चोट का पता चलता है तो ऐसे में पृथ्वी तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी कर सकते हैं और इसके बाद चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे और अग्रवाल का नंबर हो सकता है.

अगर भारत पांच गेंदबाजों के साथ उतरने का फैसला करता है तो तेज गेंदबाजी आक्रमण का कुल अनुभव चार टेस्ट (सिराज- दो टेस्ट, सैनी- एक टेस्ट, ठाकुर- एक टेस्ट, नटराजन- कोई टेस्ट नहीं) मैच का होगा.