एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने एक बार फिर साफ़ किया है कि कोरोना वायरस की तीसरी लहर में बच्चों में ज्यादा गंभीर संक्रमण होने का अभी तक कोई सबूत नहीं मिला है. उन्होंने कहा कि तीसरी लहर को लेकर न भारत के पास और न ही विश्व के पास कोई डेटा नहीं है. 

डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा, "भारत का या विश्व का डेटा देखें तो अब तक ऐसा कोई डेटा नहीं आया जिसमें दिखाया गया है कि बच्चों में अब ज्यादा गंभीर संक्रमण है. अभी कोई सबूत नहीं है कि अगर कोविड की अगली लहर आएगी तो बच्चों में ज्यादा गंभीर संक्रमण होगा."

स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया, "3 मई को देश में रिकवरी रेट 81.8% था, अब रिकवरी रेट 94.3% हो गया है. पिछले 24 घंटों में देश में 1,82,000 रिकवरी हुई हैं. हर राज्य में अब रिकवरी की संख्या प्रतिदिन दर्ज़ किए जा रहे मामलों की संख्या से ज्यादा है." 

स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव ने कहा, "4 मई को देश में 531 ऐसे ज़िले थे, जहां प्रतिदिन 100 से अधिक मामले दर्ज़ किए जा रहे थे, ऐसे ज़िले अब 209 रह गए हैं."

लव अग्रवाल ने कहा, "जहां 7 मई को देश में प्रतिदिन के हिसाब से 4,14,000 मामले दर्ज़ किए गए थे, वे अब 1 लाख से भी कम हो गए हैं. पिछले 24 घंटों में 86,498 मामले देश में दर्ज़ किए गए. यह 3 अप्रैल के बाद अब तक एक दिन के सबसे कम मामले हैं."

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