मास्टर-ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने गुरु पूर्णिमा के दिन अपने तीन गुरुओं को अलग-अलग तरीके से याद किया. सचिन ने उन तीन लोगों को याद किया जिन्होंने उनकी जिंदगी पर बड़ा असर डाला. सचिन ने इन तीन लोगों के बारे में बताते हुए अपने आधिकारिक अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया है.

सचिन ने ट्विटर पर साझा किए वीडियो में कहा कि जब भी मैं अपने क्रिकेट बैट को पकड़ता हूं तो मैं उन तीन लोगों के बारे में सोचता हूं जिन्होंने मुझे इस मुकाम पर पहुंचाने में बड़ा योगदान दिया है. सचिन ने सबसे पहले अपने बड़े भाई को याद किया, जो उन्हें आचरेकर सर के पास ले गए. सचिन ने कहा कि उनके भाई ने हमेशा उनका साथ दिया. सचिन ने बताया कि वह जब भी बल्लेबाजी पर उतरते हैं तो उनको इस बात का अहसास होता है कि उनके भाई भी उनके साथ बल्लेबाजी पर उतर रहे हैं.

इसके बाद सचिन ने आचरेकर सर को याद किया. सचिन ने आचरेकर सर को याद करते हुए कहा कि मेरी बल्लेबाजी पर उन्होंने बहुत समय दिया, चाहे मैच हो या प्रैक्टिस सेशन वह मेरी बल्लेबाजी में हुई सारी गलतियों को नोट करते थे और इसके बाद वह घंटों इस पर मेरे साथ बात करते थे और समझाते थे.

अंत में सचिन ने अपने पिता को याद करते हुए कहा, "आखिर में मेरे पिता जी, जिन्होंने हमेशा मुझे शॉर्टकट से बचने की सीख दी. खुद को अच्छे से तैयार करने को कहा और इनके साथ ही हमेशा अपने मूल्यों को नीचे नहीं गिरने देने की सलाह दी."

सचिन के अलावा युवराज सिंह, सुरेश रैना, अजिंक्य रहाणे और वीरेंद्र सहवाग ने भी गुरु पूर्णिमा के दिन अपने गुरुओं को याद किया.