29 मार्च को देशभर में होली का पर्व मनाया जाएगा लेकिन उससे ठीक एक हफ्ते पहले मथुरा में लठमार होली खेली जाती है. इसमें शामिल होने देश-विदेश के लोग आते हैं और इस लठमार होली की देशभर में खूब धूम होती है. इस बार जिले के बरसाना कस्बे में मंगलवार को दुनिया भर में प्रसिद्ध ब्रज की लठामार होली खेली जाएगी और नंदगांव में ऐसा ही आयोजन बुधवार को होना है.

लठमार होली में शामिल होने के लिए दूर दूर से लोग बरसाना और नंदगांव आते हैं. इस बार भी उनका आगमन शुरू हो चुका है और कोरोना महामारी को मद्देनजर रखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. परंपरा के अनुसार, आयोजन से एक दिन पहले दोनों ही गांवों के लोग होली खेलने का निमंत्रण देने के लिए एक-दूसरे के गांवों में जाते हैं. राधा रानी की जन्मभूमि बरसाना के गोस्वामी समाज के सदस्य कृष्णदयाल गौड़ उर्फ कोका पण्डित ने बताया, ‘‘सोमवार को बरसाना स्थित राधारानी के महल से राधारानी की सखियां गुलाल लेकर कान्हा के गांव नन्दगांव जाएंगी और होली खेलने का निमंत्रण देंगी. यह गुलाल नन्दगांव के गोस्वामी समाज में बांटा जाएगा. तब नन्दभवन में राधारानी की सखियों के साथ धूमधाम से फाग आमंत्रण महोत्सव मनाया जाएगा.’’

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उन्होंने बताया ‘‘फाग आमंत्रण महोत्सव में स्थानीय गोस्वामी समाज के सदस्य और राधारानी की सखियां होली गीतों पर लोकनृत्य करते हैं. इसके बाद सखियों को आदर के साथ विदा किया जाता है. सखियां बरसाना के श्रीजी महल (लाड़िलीजी यानि राधारानी के मंदिर) में होली निमंत्रण को स्वीकार किए जाने की सूचना देती हैं.’’ कोका पंडित ने बताया कि दोपहर बाद नन्दगांव का एक हरकारा (प्रतिनिधि) राधारानी के निवास पर जा कर उन्हें निमंत्रण स्वीकार किए जाने की बधाई देने के साथ ही नन्दगांव में होली खेलने के लिए आने का निमंत्रण देता है. उन्होंने बताया कि इस दौरान लड्डुओं का वितरण होता है जिसे ‘लड्डू लीला’ अथवा ‘पाण्डे लीला’ भी कहा जाता है.

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