बालासोर (ओडिशा), 26 मई (भाषा) चक्रवात यास बुधवार को ओडिशा के तटीय जिलों बालासोर तथा भद्रक में तबाही के अनेक निशान छोड़कर गया है और इन जगहों पर बड़ी संख्या में पेड़ तथा बिजली के खंभे गिर गये, निचले इलाकों में बाढ़ आ गयी और कच्चे मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गये।

दोनों जिलों के अनेक स्थानों के निवासी मंगलवार रात से बिना बिजली के रह रहे हैं, वहीं अनेक लोगों को सरकार ने सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। इन्हीं दोनों स्थानों पर बहुत भीषण चक्रवात का प्रकोप देखने को मिला।

भद्रक जिले के धमरा में और बालासोर से करीब 50 किलोमीटर दूर समुद्र तट पर सुबह करीब नौ बजे दस्तक देने वाले चक्रवात ने जिलों में कई कच्चे मकानों की छतों को उड़ा दिया।

अधिकारियों ने तूफान से दोनों जिलों में हुए नुकसान का अभी आकलन नहीं किया है लेकिन उन्होंने संभावना जताई कि पहले जैसी आशंका जताई जा रही थी, उससे कम नुकसान हुआ होगा।

बालासोर जिले के सोरो कस्बे के निवासी श्रीतम महाजन ने फोन पर ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘यहां बहुत नुकसान हुआ है। कई पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गये और बहुत भारी बारिश हुई है।’’

महाजन ने कहा, ‘‘अब रुक-रुक बारिश हो रही है और हवा की गति मंद हो गयी हैं।’’

भद्रक निवासी संग्राम त्रिपाठी ने कहा कि जोरदार हवाओं से उनके घर की खपरैल की छत उड़ गयी और उनके घर के आसपास के खेत जलमग्न हो गये।

विशेष राहत आयुक्त पी के जेना ने कहा कि प्रशासन ने अभी दोनों जिलों में हुए नुकसान का आकलन नहीं किया है।

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के महानिदेशक एस एन प्रधान ने कहा कि जितनी आशंका व्यक्त की गयी थी, उससे कम नुकसान हुआ है।

भाषा वैभव पवनेश

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