पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक अलायंस (यूडीए) के संयोजक यशवंत सिन्हा ने बृहस्पतिवार को कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव का समय कोविड-19 महामारी के मद्देनजर बढ़ाया जाना चाहिए. बिहार में अक्टूबर-नवंबर में विधानसभा चुनाव संभावित हैं. राज्य में कोविड-19 के कारण अबतक 574 लोगों की मौत होने के साथ 1.15 लाख लोग इससे पीड़ित हो चुके हैं.

यशवंत ने कहा कि बड़ी विडंबना है कि राज्य में कोविड संक्रमण के मद्देनजर कोई राजनीतिक गतिविधियां आयोजित नहीं की सकती हैं लेकिन इसके बावजूद चुनाव हो सकते हैं. उन्होंने कहा, 'मेरा मानना है कि मौजूदा परिदृश्य में चुनाव नहीं होने चाहिए.

यशवंत ने संवाददाताओं से कहा , ‘‘मैं मांग कर रहा हूं कि राज्य में विधानसभा चुनाव का समय बढ़ाए जाए.’’

बता दें कि बिहार में चुनावी हलचल तेज हो गई है. लालू प्रसाद नीत राष्ट्रीय जनता दल (राजद) को बृहस्पतिवार को एक और झटका उस समय लगा, जब लालू के समधी चंद्रिका राय सहित पार्टी के तीन और विधायक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू में शामिल हो गए.

पटना स्थित जदयू के प्रदेश कार्यालय में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों की उपस्थिति में चंद्रिका राय के साथ पालीगंज विधानसभा क्षेत्र से विधायक जय वर्धन यादव और दरभंगा जिला के क्वेटी विधानसभा क्षेत्र से विधायक फ़ाराज फ़ातमी ने जदयू की सदस्यता ग्रहण कर ली. चंद्रिका ने अपनी पुत्री ऐश्वर्या राय के आसन्न बिहार विधानसभा का चुनाव लड़ने के संकेत दिए पर उन्होंने यह खुलासा नहीं किया कि किस राजद नेता के खिलाफ उनकी बेटी चुनाव लड़ेंगी. चंद्रिका राय ने 13 फरवरी को ही राजद छोड़ने का ऐलान कर दिया था और कहा था कि वे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के काम से प्रभावित हैं और उनमें उनका पूरा विश्वास है.