लेमनग्रास, जिसे सिट्रोनेला भी कहा जाता है, एक लंबा, डंठल वाला पौधा है.इसमें एक ताजा, नींबू सुगंध और एक साइट्रस स्वाद है. यह थाई खाना पकाने में एक सामान्य घटक है. लेमनग्रास आवश्यक तेल का उपयोग अरोमाथेरेपी में हवा को ताज़ा करने, तनाव को कम करने के लिए किया जाता है.

लेमनग्रास का उपयोग घरों में इसके औषधीय महत्व के लिए विभिन्न समस्याओं जैसे सामान्य सर्दी, खांसी, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और ऐसी ही अन्य स्थितियों के लिए घरेलू उपचार के रूप में भी किया जाता रहा है.आइए जानते हैं लेमनग्रास से होने वाले फायदों के बारे में.

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यह आपके कैंसर के खतरे को कम कर सकता है

लेमनग्रास में साइट्रल को कुछ कैंसर सेल लाइनों के खिलाफ शक्तिशाली एंटीकैंसर क्षमता भी माना जाता है. लेमनग्रास के कई घटक कैंसर से लड़ने में मदद करते हैं. यह या तो सीधे कोशिका मृत्यु का कारण बनता है या आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाता है ताकि आपका शरीर अपने आप कैंसर से लड़ने में सक्षम हो.

लेमनग्रास चाय को कभी-कभी कीमोथेरेपी और विकिरण के दौरान सहायक चिकित्सा के रूप में प्रयोग किया जाता है. इसका उपयोग केवल एक ऑन्कोलॉजिस्ट के मार्गदर्शन में किया जाना चाहिए.

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ब्लोटिंग में मददगार है लेमनग्रास

ब्लोटिंग के कारण होने वाले जल प्रतिधारण से लेमनग्रास आपको राहत दिला सकता है. चूंकि यह जड़ी बूटी मूत्रवर्धक है, जिसका अर्थ है कि यह किडनी को बार-बार पेशान छोड़ने का कारण बनती है, जिसके चलते शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं. यह हमारे शरीर में अत्यधिक सोडियम को बाहर निकालने में मदद करता है जिससे एक साउंड सिस्टम बनता है.

ब्लड सर्कुलेशन में सुधार

लेमनग्रास लाल रक्त कोशिकाओं पर अपने प्रभाव के लिए जाना जाता है. आप इसकी चाय पीकर तमाम स्वस्थ्य लाभ ले सकते हैं. इस प्राकृतिक जड़ी बूटी के नियमित सेवन से लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन को बढ़ाने और सिस्टम में बेहतर ब्लड फ्लो यानी रक्तप्रवाह को प्रोत्साहित करने में मदद मिल सकती है. जब शरीर के पूरे सिस्टम में ब्लड सर्कुलेशन होता है हमारे दूसरे ऑर्गन भी सही से कार्य करते हैं.

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लेमनग्रास स्वस्थ पाचन को बढ़ावा देने में मदद करता है

एक कप लेमनग्रास चाय पेट की ख़राबी, पेट में ऐंठन और पाचन संबंधी अन्य समस्याओं के लिए एक वैकल्पिक उपाय है. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ द्वारा प्रकाशित कृन्तकों पर 2012 के एक अध्ययन से पता चला है कि लेमनग्रास गैस्ट्रिक अल्सर के खिलाफ भी प्रभावी हो सकता है.अध्ययन में पाया गया कि लेमनग्रास के पत्तों का आवश्यक तेल एस्पिरिन और इथेनॉल से होने वाले नुकसान से पेट की परत को बचाने में मदद कर सकता है. एस्पिरिन का नियमित उपयोग गैस्ट्रिक अल्सर का एक सामान्य कारण है.

डिस्क्लेमर:खबरों में दी गई टिप्स एक सामान्य जानकारी है. आप इसका इस्तेमाल करने से पहले विशेषज्ञों की सलाह ले सकते हैं.

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